पत्रिका 11.08.2018

जगदलपुर. सुकमा जिले के नुलकातोंग जिले में हुए मुठभेड़ को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। शुक्रवार को 24 घंटे से भी अधिक समय तक नुलकातोंग इलाके में रहकर, ग्रामीणों व पीडि़तों से बातचीत कर वापस लौटी सोनी सोढ़ी ने एक बार फिर इस मुठभेड़ के फर्जी होने का दावा किया है।

उनका कहना है कि गांव वालों ने उन्हें बताया कि मुठभेड़ के करीब 12 घंटे पहले गांव में तीन मिलिशिया सदस्य जरूर पहुंचे थे। लेकिन पुसिल ने जब फायरिंग की उस वक्त एक भी माओवादी मौके पर नहीं था, सभी ग्रामीण व बच्चे थे। उन्होंने दावा किया है कि गांव वालों ने राशन कार्ड दिखाया है, जिसमे मारे गए 6 लोगों की उम्र 12 से 16 साल के बीच है। अब 12 साल का नाबालिग कैसे माआेवादी है यह पुलिस ही बताए।

ग्रामीणोंं ने घटना को लेकर पूरी जानकारी विस्तार से बताई

गौरतलब है कि गुरुवार की सुबह करीब 7 बजे गीदम से सोनी के साथ कुछ लोगों की टीम नुलकातोंग के लिए रवाना हुई। जो शाम करीब 5 बजे गांव पहुंच सकी। गुरुवार की देर रात तक उन्होंने गांव वालों व पीडि़तों के साथ बात की। सभी ने घटना के बारे में डिटेल से जानकारी दी। रात गांव में बिताने के बाद शुक्रवार की सुबह गांव वालों के साथ सोनी सोढ़ी घटनास्थल पहुंची जहां ग्रामीणोंं ने घटना को लेकर पूरी जानकारी विस्तार से उन्हें बताई। इस दौरान उनके साथ जांच दल में भानू भारतीय, समीर खान, दंती पोयाम, रामदेव बघेल के साथ कुछ युवा भी मौजूद थे।

माओवादियों ने पर्चा फेंक मुठभेड़ को बताया फर्जी

शुक्रवार की देर शाम को माक्र्सवादी माओवादी संगठन ने दोरनापाल से लगे इलाके में पर्चा जारी करते हुए इस मुठभेड़ को फर्जी बताया है। हालांकि इस पर्चा को लेकर पुलिस ने तक किसी भी तरह की पुष्टि नहीं की है।

2 को नहीं 4 को पकड़ा गया है जिंदा

सोनी ने बताया कि ग्रामीणों ने चर्चा के दौरान कहा है कि घटनास्थल से पुसिल ने दो नहीं बल्कि 4 जिंदा लोगों को पकड़ा है। लेकिन पुलिस ने केवल दो ही लोगों को अब तक शो किया है। गौरतलब है कि कथित मुठभेड़ के बाद मौके से बुधरी व देवा को पुलिस ने जिंदा पकडऩा बताया था। जिसमें देवा को पुलिस ने एरिया कमांडर बताते हुए 5 लाख का इनामी बताया था। वहीं बुधरी का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।

एसपी ने जारी किया है मुठभेड़ का वीडियो

इधर घटना पर सवाल खड़े होने के बाद सुकमा एसपी ने सोशल साइट में इस मुठभेड़ का एक वीडियो डाला है। 40 सेकेंड के इस वीडियो में मारे गए माओवादियों के शव को दिखाया गया है। सुकमा एसपी ने दावा किया है कि इस वीडि़यो को मुठभेड़ के बाद जवानों ने शूट किया था।

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