पैसे लेकर सवाल पूछने के आरोप बर्खास्त किए गए सांसद को सरकार भेज रही है विश्व हिंदी सम्मेलन में : राजकुमार सोनी पत्रिका .

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राजकुमार सोनी/ रायपुर./ 10.08.2018

पैसे लेकर सवाल पूछने के आरोप के बाद बर्खास्त किए गए छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव इलाके के पूर्व सांसद प्रदीप गांधी का चयन मॉरीशस में 18 से 20 अगस्त तक आयोजित 11वें विश्व हिंदी सम्मेलन के लिए किया गया है। हिंदी या साहित्य की दुनिया में इन्हें कोई नहीं जानता, लेकिन वे साहित्यकारों-विद्वानों के विश्व सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।

हर चार साल पर आयोजित होने वाले इस सम्मेलन के लिए विदेश विभाग ने राज्य की सरकारों से हिंदी और साहित्य के दो विशिष्ट जानकारों के नाम मंगवाए थे। प्रदेश की सरकार ने प्रदीप गांधी और हिंदी ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा को सरकारी खर्च पर मॉरीशस भेजना तय किया है। और तो और, सूत्र बताते हैं कि सम्मेलन में बोलने के लिए उन्हें एक मिनट का भी समय नहीं दिया गया है। छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों में चर्चा है कि वे वाजिब विद्वानों का हक मारकर केवल घूमने और उपकृत होने के लिए मॉरीशस भेजे जा रहे हैं।

11 सांसद बर्खास्त हुए थे

वर्ष 2005 में एक वेब पोर्टल ने 11 सांसदों का स्टिंग ऑपरेशन किया था। तब यह तथ्य सामने आया था कि बतौर सांसद प्रदीप गांधी ने भी एक प्रश्न के एवज में 25 हजार रुपए की मांग की थी। 23 दिसम्बर 2005 को सभी 11 सांसद बर्खास्त कर दिए गए।

गायत्री परिवार के प्रचारक

बर्खास्तगी के बाद पूर्व सांसद ने कई मर्तबा सक्रिय राजनीति में लौटने के लिए हाथ-पांव मारे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। हिंदी ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने बताया कि प्रदीप गांधी गायत्री परिवार से जुड़े हुए हैं और एक प्रचारक की हैसियत से कार्यरत हैं। शर्मा ने बताया कि 16 अगस्त को वे और प्रदीप गांधी मॉरीशस के लिए रवाना हो जाएंगे।

और नाम नहीं मिला?

हिंदी ग्रंथ अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रमेश नैय्यर का कहना है कि जब भी विदेश विभाग का न्योता मिलता है तो राज्य सरकारें हिंदी और साहित्य के विशिष्ट जानकारों के नाम की ही अनुशंसा करती है। यह भी देखा जाता है कि जो व्यक्ति राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहा है, उसकी छवि पर कोई दाग न हो। जिस शख्स ने सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाया हो। नैय्यर ने कहा- जिस शख्स को बर्खास्त किया गया हो, उसका नाम नहीं भेजा जाना चाहिए था।

बीती ताहि बिसार दें 

राजनांदगांव के पूर्व सांसद, प्रदीप गांधी ने कहा कि वे गड़े मुर्दे उखाडऩे पर यकीन नहीं रखते। अतीत में झांककर क्या मिलेगा। मैं अगर कहूंगा कि खबर का प्रकाशन मत करिए, तो क्या आप रुक जाएंगे। मैं इतना ही कहूंगा कि बीती ताहि बिसार दीजिए।

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