राफेल रक्षा सौदे में कम से कम 35000 करोड़ का घोटाला हुआ है. : प्रशांत भूषण, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस .

राफेल रक्षा सौदे में कम से कम 35000 करोड़ का घोटाला हुआ है. : प्रशांत भूषण, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस .

 

दिल्ली / 8.08.2018

अधिवक्ता प्रशांत भूषण, भाजपा नेता यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने आज प्रेस कांफ्रेंस करके कहा है कि राफेल विमान सौदा देश का सबसे बड़ा रक्षा घोटाला है। राफेल सौदे में प्रधानमंत्री मोदी को निर्णय लेने का अधिकार नहीं था। यह अधिकार दूसरे संस्थानों के पास था। इसमें साफ तौर पर प्रधानमंत्री के खिलाफ ‘क्रिमिनल मिसकन्डक्ट’ का मामला बनता है। इसीलिए बचने के लिए प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट में बदलाव कर दिया गया। बदलाव के बाद हर विमान 1000 करोड़ ज़्यादा कीमत में खरीदा जा रहा है।

 

इस सौदे में भारत सरकार की कंपनी एचएएल को बाहर करके अनिल अंबानी की कंपनी को डील में शामिल किया जिसे रक्षा उपकरण बनाने का कोई अनुभव नहीं है। इससे अम्बानी को 21000 करोड़ का मुफ्त में फायदा होगा। 126 विमानों का सौदा रद्द करके 36 विमान का सौदा फाइनल किया गया। साथ में फ्रांस से विमान बनाने की तकनीक मिलनी थी वह भी नए समझौते के तहत नहीं मिलेगी। इसमे करीब 35000 करोड़ का घोटाला है। गोपनीयता का हवाला करप्शन को छुपाने के लिए दिया जा रहा है। यशवंत सिन्हा ने कहा कि नोटबन्दी पर हमने जो सवाल उठाए थे, उन पर आजतक कोई हिसाब नहीं दिया गया है। आरबीआई ने अब तक जमा नोट के बारे में नहीं बताया। सिन्हा ने कहा, रक्षामंत्री को राफेल सौदे का पता नहीं है, वित्त मंत्री को नोटबन्दी का पता नहीं है, यह कैसी कैबिनेट है?

प्रशांत भूषण के मुताबिक, इस डील में प्रधानमंत्री ने अनाधिकृत रूप से मनमानी की। रक्षा मंत्रालय, वायुसेना और रक्षा समिति के अधिकारों को दरकिनार कर, पद का दुरुपयोग करके, देश की जनता के 35000 करोड़ का नुकसान किया गया।

**

CG Basket

Related Posts

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account