बिलासपुर ःः 6 अगस्त हिरोशिमा दिवस ,हजारों परमाणु हथियारों के साथ विश्व में शांति की कल्पना संभव नहीं.

बिलासपुर :

6 अगस्त हिरोशिमा दिवस. शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का सबक है, हजारों परमाणु हथियारों के साथ विश्व में शांति की कल्पना संभव नहीं है, वैज्ञानिक चेतना पृथ्वी पर समस्त प्राणी जगत की साझी विरासत की समझ विकसित करता है.

तमाम अस्तित्ववादी राजनीति पृथ्वी पर समस्त प्राणी जगत के समान अधिकार को नकारतीं है और अपनी सत्ता कायम रखने विभाजन कारी नफ़रत पैदा करती है, फासीवादी दौर इन्ही से पैदा हुआ और नस्लीय श्रेष्ठता के उन्माद ने दो दो विश्व युद्ध और करोड़ों लोगों के मौत का कारण बना, लेकिन हिरोशिमा और नागासाकी में गिराए गए परमाणु बमों ने मानव सभ्यता के इतिहास में वह सबक दिया कि यदि मनुष्य के तमाम गतिविधियों के केन्द्र में शांति और सौहार्द्र, तथा साझी विरासत नहीं रहेगा तो पृथ्वी पर मनुष्य ही समाप्त हो जाएगा , आज के दौर में हम सारे सामाजिक परिवर्तन शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से कर सकते हैं विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने मनुष्य की बेहतरी के लिए तमाम साधन विकसित कर लिए हैं बस उन्हें चंद लोगों की मिल्कियत से बाहर निकाल सामाजिक मालिकाना में लाने की जरूरत है,तब किसी को किसी से युद्ध करने की जरूरत ही नहीं रहेगी, लाल खदान में शांति और एकता संगठन और अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित गोष्ठी में उक्त बातें चर्चा में आईं,इस बात का भी उल्लेख किया गया कि आज जिस विचारधारा की सरकार भारत में है उसका केंद्रीय सोच ही वीर भोग्या वसुंधरा है और वीर वही जिसके हांथ अस्त्र शस्त्र हों, और श्रेष्ठता का अहंकार हो, देश में अराजकता और भीड़ की हिंसा के लिए यही विचारधारा जिम्मेदार है , गोष्ठी में 9 अगस्त को भारत बंद और जेल भरो आंदोलन, तथा 14 अगस्त को लोकतंत्र बचाने रतजगा को सफल बनाने संकल्प लिया गया, अंत में युद्ध और हिंसा में मृतकों के सम्मान में मौन श्रद्धांजलि अर्पित किया गया

आज लाल खदान में शांति और एकता संगठन और अध्ययन केंद्र द्वारा गोष्ठी में उक्त बातें वक्ताओं ने कहा,आज के कार्यक्रम में ओमप्रकाश गंगोत्री,, नंद कश्यप, शाकिर अली,रवी बेनर्जी, ईश्वर चंदेल,रवी श्रीवास, डा. लाखन सिंह,सुखऊ निषाद, गणेश निषाद, महेश्वर साहू,चंदन यादव,सेवक निषाद, महेश रजक,होरी लाल निषाद,आशिष यादव, गुरुचरण निषाद, शत्रुघ्न निषाद, केशव निषाद, सुरेश प्रजापति ,हरि साहू, रामनरायण कुर्मी,देवचरण साहू, सहित अनेक साथी उपस्थित रहे, कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमप्रकाश गंगोत्री ,धीरज शर्मा एवं संचालन सुखऊ निषाद, ने किया.

कार्यक्रम के अंत में 9 अगस्त जेल भरो आंदोलन और भारत बंद , तथा 14 अगस्त को लोकतंत्र बचाओ आंदोलन के तहत रतजगा कार्यक्रम को सफल करने का संकल्प लिया.

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