दल्ली राजहरा : सामूहिक  खेती का अद्भुत मॉडल .राजहरा में मजदूर कर रहे है छ: साल से सामूहिक खेती ,लाभ का उपयोग होता हैं अस्पताल और स्कूल के लिए .शंकरगुहा नियोगी का संघर्ष और निर्माण की अवधारणा .


29.07.2018

ईश्वर निर्मलकर की रिपोर्ट

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सामूहिक खेती के इस कार्य मे आसपास के 12 गांवों के लोग बिना किसी श्रमकाई के 200 महिला पुरूष पिछ ले 6 साल से भाग ले रहे हैं . सामूहिक खेती से उत्पन्न धान की राशी का उपयोग शहीद शंकर गुहा नियोगी उ.मा.विधालय के काम में खर्च किया जाता हैं .आधा फसल का उपयोग राजहरा के आसपास से शहीद अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले लोगों के खाने पीने की व्यवस्था में किया जाता है .

इस सामूहिक खेती में आने वाले लोगो के खाने पीने चाय आदि की व्यवस्था मोर्चा के सामूहिक रसोई से की जाती है. सामूहिक खेती का उद्देश्य : शंकर गुहा नियोगी के संघर्षों और निर्माण की अवधारणा के हिसाब से चलता है.इसकी सफलता इस बात पर निर्भर है कि आसपास के अधिक लोग सामूहिक खेती में अपनी सहभागिता बढचढ कर हो रही हैं .यही सफलता का राज भी है।

जनमुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता इस सामूहिक खेती के कार्य जैसे जुताई ,मताई ,रोपाई और धान कटाई मिजाई आदि काम का विभाजन कर अलग अलग जिम्मेदारी तय की जाती है .जिसे कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी से काम अंजाम देते हैं ।

सामूहिक खेती में होने वाला खर्च जनमुक्ति मोर्चा के ठेके के मजदूरों द्वारा वहन किया जाता है .

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