जनकवि मुकुटबिहारी सरोज स्मृति न्यास :अनिच्छुक_सम्मानित “हमे सम्मान-वम्मान की आदत नही है । सम्मान की बात सुनते ही बड़ी घबराहट सी होने लगती है, बड़ा असहज और अजीब सा लगता है .”

 

अनिच्छुक_सम्मानित
“हमे सम्मान-वम्मान की आदत नही है । सम्मान की बात सुनते ही बड़ी घबराहट सी होने लगती है, बड़ा असहज और अजीब सा लगता है ।” कुछ इस तरह से #सरोज_स्मृति_सम्मान से सम्मानित होने के बाद अपने संबोधन में #शुभा ने अपनी बात शुरू की .

● उनके बोलने के लहजे और अंदाज़ में झिझक तथा सम्मानित होने का डर साफ दिख रहा था । शुभा Shubha Shubha तो सम्मानपत्र दिए जाने के पहले न्यास की ओर अपने बारे में दिए गए परिचय से भी सहमी दिखीं । उन्होंने कहा कि ऐसा कोई बड़ा काम हमने नहीँ किया – जो समाज मे दूसरे मोर्चों पर जनता की जद्दोजहद के रूप में चल रहा है उसे ही साहित्य और संस्कृति के मोर्चे पर करने की मुहिम में हम अपनी भूमिका निबाह रहे हैं .

● शुभा ने कहा कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है । जो हो रहा है उसकी रफ्तार बढ़ाना जरूरी है । जिसे विशेष ध्यान में रखना है वह यह कि इस दौर की गम्भीरता के हिसाब से नई वैचारिकी भी गढ़ना होगी .

● सम्मान के प्रति अनिच्छुकता की बात को आगे बढ़ाते हुये #मनमोहन Man Mohan ने कहा कि सारा परिदृश्य इतना अपमानजनक है, इंसानों का इतना डीग्रेडेशन कर दिया गया है कि अभिनन्दन कराने का मन नही बचता । यूं भी रचनात्मक खुशी से बड़ा कोई सम्मान नही है .

● दोनों ने कहा कि इस सहित तमाम हिचकिचाहटों के बावजूद चूंकि यह सम्मान सरोज जी के नाम से जुड़ा सम्मान है इसलिए इसे स्वीकार किया । सरोज जी से बहुत प्यार का नाता था । उनसे तीन चार बार मिलने और साथ रहने का अवसर मिला । उनकी कविता का फोटोजेनिक असर होता था । वे सरल, सुंदर शब्दावली में मारक कविता के कवि थे .

● उनकी कविता की तरह उनका जीवन भी असरकारक था । उनके संघर्ष से गौरव की अनुभूति होती है । सरोज जी ने सिर्फ कविता में ही नही कहा उसे जीवन मे व्यवहार में भी उतारा । उस लड़ाई में उन्होंने अपने पूरे परिवार को भी जोड़ा । उनके परिवार के साथ अपने साथ का उल्लेख भी मनमोहन-शुभा ने किया .

● न्यास की सचिव #मान्यता_सरोज ने मनमोहन और शुभा की भावनाओं का अभिनन्दन करते हुए कहा कि न्यास ने ठीक इन्ही वजहों से इन दोनों को सम्मानित करने का निर्णय लिया था ।

**
मान्यता सरोज से मिली सूचना के अनुसार शुभा और मनमोहन सम्मान के साथ #जनकवि_मुकुट_बिहारी_सरोज_स्मृति_न्यास द्वारा दी गई सम्मान निधि की राशि न्यास को ही समर्पित कर गए हैं ।

**

बादल सरोज की पोस्ट से आभार सहित 

Leave a Reply