छत्तीसगढ़ की तीन बेटियों ने मोदी को लिखा दर्द भरा खत : राजकुमार सोनी , पत्रिका

18.07.2018 / रायपुर ,

पत्रिका में प्रकाशित 

रायपुर /अफसरों और नेताओं की संवेदनहीनता के कारण अब छत्तीसगढ़ की बेटियों को सीधे प्रधानमंत्री से गुहार लगानी पड़ रही है। हाल में तीन बेटियों ने प्रधानमंत्री को बेहद मार्मिक खत लिखा है। बेमेतरा की मीनाक्षी, दुर्ग जिले के ग्राम नारधा की भाव्या और महासमुंद की श्रुति ने प्रधानमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा है कि बेटियों को बचाने और पढ़ाने की बात तो हर रोज की जाती है, लेकिन कोई भी यह देखने की जहमत नहीं उठाता कि बेटियां किन मुसीबतों का सामना करते हुए जी रही हैं।

गरीबी हमें मार डालेगी

बेमेतरा के केतिया वार्ड की रहने वाली मीनाक्षी के पिता मिट्टी के बर्तन, दीए और गुल्लक बनाते हैं। परिवार में माता-पिता के साथ पांच भाई-बहन, दादा और मूक-बधिर बुआ है। गरीबी ने जकड़ रखा है। बेमेतरा के प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाई, तो मीनाक्षी के पिता का घर भी तोड़ दिया। उन्हें कई दिनों तक बेघर रहना पड़ा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन लगाया, तो अफसरों ने घुमाना चालू कर दिया। मुद्रा योजना के तहत ऋण लेने की कवायद की, तो निराशा हाथ लगी। मीनाक्षी को मिट्टी तेल की ढिबरी में पढऩा पड़ रहा है। मीनाक्षी ने प्रधानमंत्री को लिखा है- मैं गरीब कुम्हार की बेटी हूं। पढ़-लिखकर अच्छी नौकरी करना चाहती हूं। अपने परिवार की गरीबी दूर करना चाहती हूं। दूसरा रास्ता नहीं है। 

हमारी मदद कीजिए…नहीं तो गरीबी हमें मार डालेगी।

बचा लीजिए बेरोजगार होने से 

महासमुंद के वार्ड नंबर 13 के रामेश्वरी दुर्गा मंदिर के पास रहने वाली श्रुति 14 साल की है। उसके पिता विनोद गुप्ता लगभग 35 साल से रेलवे स्टेशन में चाय-बिस्कुट बेच रहे हैं। श्रुति ने प्रधानमंत्री को लिखा है- मेरे पिता शुगर और हार्ट के मरीज होते हुए भी भाई, बहन, दादी सहित छह लोगों का पेट पाल रहे हैं। इस बीच रेलवे प्रशासन ने स्टेशन में चाय बेचने का ठेका किसी अमीर को दे दिया है। अब हमसे कहा जा रहा है कि स्टेशन में चाय बेचना छोड़ दो। रोजगार छिन जाने के भय से पिता के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ तौर पर दिखाई दे रही हैं। वे लगातार कमजोर होते जा रहे हैं। मेरे पिता हम सबको कर्ज लेकर पढ़ा रहे थे… अब हम आगे कैसे पढ़ पाएंगे। प्रधानमंत्रीजी… अगर आपको लगता है कि बेटियों को पढऩा-लिखना चाहिए, तो हमें बेरोजगार होने से बचा लीजिए।

लड़कियां आपको दुआ देंगी 

दुर्ग जिले के धमधा तहसील के ग्राम नारधा की भाव्या किसान शैलेंद्र चौबे की बेटी है। कक्षा आठवीं की छात्रा भाव्या ने प्रधानमंत्री से अहिवारा के विधायक सांवलाराम डाहरे की निष्क्रियता की शिकायत की है। भाव्या ने लिखा है- मैं अपने ग्राम नारधा से 18 किलोमीटर दूर कुम्हारी स्थित विश्व वेदांता स्कूल में पढऩे आती हूं, लेकिन बरसात के दिनों में मेरी पढ़ाई बंद हो जाती है, क्योंकि सड़क मिट्टी की है और वहां तक बस नहीं आ पाती है। मेरे पिता ने कई बार स्थानीय विधायक से सड़क बनवाने का निवेदन कर चुके हैं लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। बरसात में बस की आवाजाही बंद हो जाने की वजह से मेरी ही नहीं, आसपास के गांव के कई लड़कियों की पढ़ाई-लिखाई बंद हो जाती है। प्रधानमंत्रीजी… सड़क बनवा दीजिए… मैं तो दुआ दूंगी ही, गांव की और लड़कियां भी आपको दुआएं देंगी.

9826895207

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