रायपुर में विशाल धरना : छत्तीसगढ़ में “कानून का राज” या कानून एवं व्यवस्था कुछ हैं ही नहीं :  स्वामी अग्निवेश पर भाजपा के लोगों  द्वारा हमले की निंदा और हमलावरों पर कार्यवाही की मांग


लोग भय, भूख और भ्रष्टाचार के तले दबते जा रहे हैं

17.07.2018/ रायपुर 

लोकतान्त्रिक व संविधानिक अधिकारों के हनन एवं राजकीय दमन के खिलाफ जनसंगठनो ने दिया एक दिवसीय धरना देकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सोंपा
लोकतान्त्रिक व संविधानिक अधिकारों के हनन एवं राजकीय दमन के खिलाफ छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन सहित अन्य जन संगठन ने संयुक्त रूप से आज दिनांक 17 जुलाई 2018 को बुढा तालाब, रायपुर में एक दिवसीय धरना आयोजित कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सोपा l धरना में उपस्थित लोगों ने कहा कि प्रदेश की मोजुदा स्थिति दर्शाता हैं कि श्रमजीवी एवं वंचित वर्ग के लिए सम्मान पूर्वक जीवन यापन करना कठिन होते जा रहा हैं l शासन प्रशासन के समक्ष संवैधानिक अधिकारों के लिए लोकतान्त्रिक तरीके से मांग रखना, यहाँ तक कि राय रखने पर भी राजकीय दमन का शिकार होना पड़ रहा हैं l सरकार लोकतान्त्रिक आन्दोलन को कुचलने या तो धारा 144 लगाकर गैरकानूनी ढंग से गिरफ्तारियां करती हैं या माओवादी, आतंकवादी, राष्ट्विरोधी कह कर दुष्प्रचार करती हैं l राज्य सरकार एक तरीके से अघोषित आपातकाल लागू कर छत्तीसगढ़ को कार्पोरेटगण बनान चाहती हैं l

सांस्कृतिक संगठन रैला के कलाकारों ने क्रांतिकारी  जनगीत गाये ।

धरना को सम्बोधित करते हुए छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर ने कहा की सरकारें जन अधिकारों पर लड़ने वाले साथियों को सरकार नक्सली होने का आरोप लगाती हैं l शहीद शंकर गुहा नियोगी पर भी कार्पोरेट परस्त सरकार ऐसे ही आरोप लगाती थी l मजदुरो और मानवाधिकार के लिए कार्यरत सुधा भरद्वाज के खिलाफ भी षड्यंत्र पूर्वक दुष्प्रचार किया जा रहा हैं जिस का हम डटकर मुकाबला करेंगे l सी पी आई कामरेड सी आर बक्शी ने कहा कि आज पूंजीवादी व्यवस्था लोकतंत्र पर हमला कर रही हैं l उस हमले से आदिवासी समाज व अन्य मेहनतकश जनता को बचाना हैं तो मोदी सरकार व अन्य राज्यों की भाजपा सरकार को सत्ता से हटाना होगा l भारत जन आन्दोलन के विजय भाई ने कहा कि छत्तीसगढ़ का 60.57 प्रतिशत क्षेत्र अनुसूचित हैं l पांचवी अनुसूची, पेसा और वनाधिकार मान्यता कानून लागु होने के बाद भी राज्य सरकार कार्पोरेट हित को प्रधानता देते हुए इन कानूनों और प्रावधानों को दरकिनार कर लोगों के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा को कार्पोरेट को सोंप रहा हैं l किसान नेता आनंद मिश्रा ने कहा कि आज पूरे देश में अराजकता का माहोल तैयार किया जा रहा हैं l नफरत और हिंसा के आधार पर नरेन्द्र मोदी अगला चुनाव जीतना चाहती हैं जिसे जनता को समझना होगा l

पी यू सी एल के राजेन्द्र सायल ने वर्तमान राजनितिक परिस्थिति का आकलन करते हुए आपातकाल का जिक्र किया l उन्होंने कहा की मोदी शासन काल आपातकाल से भी कठिन समय हैं l लोकतान्त्रिक स्वतंत्रय संगठन आपातकाल के समय बना था और नागरिक अधिकारों के लिए लड़ा हैं और आज भाई लडेगा और जीतेगा l

जिला किसान संघ राजनांदगांव सुदेश टेकाम ने कहा कि रमन सरकार ने चुनाव पूर्व छत्तीसगढ़ के किसानो से जो वादे किये थे आज उन्हें पूरा करना तो दूर की बात हैं किसानो से बातचीत के लिए भी सरकार तैयार नहीं हैं l किसानो से समर्थन मूल्य पर सीधे चना खरीदी करने की बजाये मार्कफेड के माध्यम से खरीदी कर निजी व्यापारियों को मुनाफा पंहुचा रही हैं l वर्तमान में केंद्र द्वारा बढाया गया समर्थन मूल्य स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश अनुसार नही हैं l मोदी सरकार सिर्फ आकंडेबाजी कर लोगो को भ्रमित करने की कोशिश कर रही हैं l छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन के रमाकांत बंजारे ने कहा कि आज प्रदेश का सभी वर्ग परेशान हैं l किसान, आदिवासी, मजदुर, दलित, अल्पसंख्यक महिलाओ पर लगातर हमले हो रहे हैं l सरकार के खिलाफ लोगों के आक्रोश को दबाने के लिए सरकार दमन का सहारा ले रही हैं l

आज ही के दिन झारखण्ड में स्वामी अग्निवेश पर भाजपा कार्यकर्ताओ द्वारा किये गए हमले की सभी संगठनो ने कड़ी निंदा करते हुए केंद्र व राज्य सरकारों को आगाह किया कि नफरत व हिंसा फ़ैलाने वाले ऐसे अपराधी किस्म के लोगों को सरकार संरक्षण देना बंद करे और उन पर कड़ी कार्यवाही करें l धरने में अन्य प्रमुख वक्ताओं में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (मजदुर कार्यकर्त्ता समिति ) से कलादास डहरिया, चंदू साहू, सीपीआई (माले) लिबरेशन से कामरेड विजेंद्र तिवारी, मोहंती, एस एन कमलेश, जे आर देवांगन, दलित आदिवासी मंच से राजिम तांडी, बलोदाबजार उधोग प्रभावित किसान संघ से लखन साहू एस यू सी आई से विश्वजीत आदि ने भी अपनी बात को रखा.

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