संघ का प्रयोग हुआ सफ़ल:बल्लभगढ़ में मुसलमानों पर तलवार, फ़रसे, देसी पिस्तौल से लैस 2000 लोगों ने किया था हमला



संघ का प्रयोग हुआ सफ़ल:बल्लभगढ़ में 

मुसलमानों पर तलवार, फ़रसे, देसी पिस्तौल से लैस 2000 लोगों ने किया था हमला

[tisari jang]

फरीदाबाद।हरियाणा के बल्लभगढ़ कस्बे से सटे अटाली गांव में सोमवार को हुए सांप्रदायिक हिंसा के मामले में दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि तलवार, फरसे, कुल्हाड़ी, देसी पिस्तौल, पेट्रोल और गैस सिलिंडर्स से लैस 2000 से ज्यादा लोगों ने हमले को अंजाम दिया।बता दें कि एक मस्जिद की निर्माण को लेकर बीते पांच साल से चल रहे विवाद के बाद भड़की इस हिंसा के बाद कई मुस्लिम परिवारों को रातों रात घर छोड़कर पलायन करना पड़ा।गांववालों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने घटना से ऐन पहले सुरक्षाकर्मियों को मौके से वापस बुला लिया।
एफआईआर के मुताबिक वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया ताकि हिंदू और मुसलमानों के बीच दरार पैदा की जा सके।आरोपियों ने मस्जिद पर हमले के अलावा घरों को लूटने और जलाने की योजना बनाई।हिंसा सोमवार शाम साढ़े पांच बजे के आसपास शुरू हुई जब मुस्लिम नमाज के लिए इकट्ठे हुए थे।कुछ ही देर में 2 हजार लोग मौके पर इकट्ठे हो गए उनके हाथ में हथियार थे।एफआईआर में 6 लोगों का जिक्र है जिन्होंने इन हथियारों से मुसलमानों पर हमला किया।कुछ आरोपियों ने हवाई फायरिंग भी की जिसमें कुछ लोग घायल हो गए।अगले आधे घंटे के अंदर 20 घर, तीन कारें एक ट्रैक्टर ट्रॉली, दो टेंपो, 15 मोटरबाइक और दो दुकानें जला दी गईं।
मंगलवार को दर्ज की गई इस एफआईआर में नईमुद्दीन नाम के उस मजदूर का भी जिक्र है जो इस वारदात में बुरी तरह घायल हो गया।इसके मुताबिक आरोपियों ने पहले उसे जलाकर मारने की कोशिश की बाद में उसकी पैर की उंगलियां कुल्हाड़ी से काट डालीं।नईमुद्दीन अभी भी अस्पताल में भर्ती है।

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