रायगढ़ के गॉव में हैंडपंप उगल रहे लाल पानी नागरिकों मे खासा आक्रोश व्याप्त

रायगढ़ के गॉव में  हैंडपंप उगल रहे लाल पानी नागरिकों मे खासा आक्रोश व्याप्त








रायगढ़। नगर पंचायत क्षेत्र में बिगड़े हैंडपंपों का सुधार नहीं होने से कई मुहल्लों में पीने का पानी के लिए लोगों को दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। कुछ मुहल्लों में पुराने हैंडपंपों में लाल पानी निकलने की शिकायत के बाद भी नगर पंचायत का अमला ने इस समस्या के निवारण के लिए कोई पहल नहीं की है। शहर में पीने का पानी की समस्या का सामना कर रहे लोगों को टैंकर से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाने से नागरिकों मे खासा आक्रोश व्याप्त है।

इन दिनों भीषण गर्मी का मौसम के दौरान शहर में पीने का पानी की समस्या का निदान के लिए परिषद के चुने हुए जनप्रतिनिधियों ने पानी की व्यवस्था कराने के निर्देश तो दिए जा रहे हैं लेकिन यहां सीएमओ सुरेश साहू की अनुपस्थिति की वजह किसी भी काम का सुचारू ढंग से संचालन नहीं हो रहा है। बताया जाता है कि यहां के विभिन्न मुहल्लों में बिगड़े हैंडपंपों का सुधार नहीं होने से लोगों को पीने का पानी की खातिर दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। मंगलवार को किलकिला जल आवर्धन योजना में खराबी आ जाने के बाद कई मुहल्लों में पानी की आपूर्ति ठप्प हो जाने से नागरिकों में जम कर आक्रोश देखा गया।

यहां के सीएमओ सुरेश साहु लंबे समय से अवकाश पर चले जाने के बाद नगर पंचायत के ज्यादातर कार्यो के लिए केवल औपचारिकता बरती जा रही है।मौजूदा प्रभारी सीएमओ के पास वित्तिय अधिकार नहीं होने से उन्हे हाथ पर हाथ धरे बैठना पड़ गया है। शहर का प्रेमनगर मुहल्ला में पीने का पानी की जटिल समस्या को देख कर परिषद की पीआईसी कमेटी ने इस मुहल्ले में पाइप लाइन विस्तार कर लोगों को जल्द से जल्द पेयजल की समस्या से राहत दिलाने के निर्देश दिए थे।
लेकिन सीएमओ के अनुपस्थित रहने से पाइप लाईन विस्तार के लिए अभी तक संबंधित कार्य एजेंसी को आदेश जारी नहीं हो पाया है। बताया जाता है कि नगर पंचायत परिषद के अन्य जरूरी काम भी फाइलों में अटक कर रह गए हैं। भीषण गर्मी का मौसम के दौरान नागरिकों की मुलभूत सुविधा से नगर पंचायत परिषद के द्वारा मुंह फेर लेने से सैकड़ों लोगों को पीने का पानी के लिए दूर दूर भटकना पड़ रहा है।
यंहा पर बिलाईटांगर मुहल्ला में 3, पुरानी बस्ती में 2, भाथुडांढ़ में 4 तथा दर्रापारा मुहल्ला में 3 हेंडपम्प लम्बे समय से बिगड़े पड़े हैं। इन हेंडपम्पों का सुधार के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए धन राशि का अभाव के चलते ही यह महत्वपूर्ण काम अधर में लटका हुआ है। इन मुहल्लों में हेंडपम्प बिगड़ जाने की नगर पंचायत कार्यालय में सूचना तो दर्ज कर ली गई है।

नल जल योजना भी ठप

मंगलवार को अम्बिकापुर रोड़ स्थित बंदियाखार मुहल्ले में नल जल योजना में खाराबी आ जाने के बाद बस स्टैण्ड,रायगढ़ रोड़ तथा अन्य मुहल्लों में पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई।नल जल योजना से पीने का पानी की आपूर्ति नहीं होने से चिलचिलाती धूप के बाद भी वार्ड क्रमांक 7,8 में लोग दिन पर पीने का पानी के लिए इधर उधर भटकते रहे।नगर पंचायत के कर्मियों का कहना है कि इन दिनों प्रभारी सीएमओ के पास वित्तिय अधिकार नहीं होने से 2 रूपयों का वासर खरीदने के लिए भी उन्हे बेबस हो जाना पड़ रहा है। शेष पेज 14

बुनियादी सुविधा से कोई वंचित न रहे

नगर पंचायत के नेता प्रतिपक्ष श्यामनारायण गुप्ता का कहना है कि शहर के लोगों को उनकी बुनियादी सुविधा दे पाने में भी यहंा के अधिकारी विफल हो गए हैं। श्री गुप्ता का कहना था कि इन दिनो पेयजल आपूर्ति की समस्या का निदान नहीं हो पाने से शहर के नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होने कहा कि हेंडपम्प के अलावा मोटर बिगड़ने तथा पाईप लाईन में टूट फुट आ जाने के बाद सैकड़ों लोगों को पीने का पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।श्री गुप्ता का कहना है कि यहंा अनुपस्थित रहने वाले सीएमओ के बदले नगर पंचायत के अन्य कर्मचारी को काम करने के लिए पूरा प्रभार दे देना चाहिए। इससे जरूरी कार्यो पर लगा विराम को हटाया जा सकता है।

ढोड़ी व अन्य प्रकृतिक स्त्रोत बन रहे सहारा 

क्षेत्रों में अभी पर्याप्त मात्रा में जंगल हैं। वहां प्राकृतिक जल के स्त्रोत हैं, जहां से निकलने वाले जल शुद्ध हैं। इस कारण से ग्रामीण ढोड़ी व ऐसे प्राकृतिक जल स्त्रोतों से पानी लाने के लिए 1-1 किलोमीटर का सफर कर रहें हैं। सन्ना के आलोक ने बताया कि तीन गांव में 1-1 कुआं है, जो ग्रामीणों के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके कारण लोगों द्वारा पेयजल के लिए लंबा सफर करना पड़ रहा है और प्राकृतिक जल स्त्रोतो पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

सन्ना में 200 काे कनेक्शन, 20 को मिल रहा पानी 

ग्राम पंचायत सन्ना में पेयजल प्रदाय करने के लिए टंकी का निर्माण कराया गया है, जो ग्रामीणों के मृगमरिचिका साबित हो रहा है। लाखों रूपए की लागत लगा कर 200 घराें को जलप्रदाय के लिए कनेक्शन दिया गया। आलम यह है कि मात्र 20 घरों को पानी मिल रहा है। खास बात तो यह है कि यहां सोलर पंप भी लगाया गया है,जो यहां के लिए बेकार साबित हो रहा है। यहां के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 20 हैंडपंप है, जिसमें से तीन खराब हो गए हैं।
8 से 10 हैंडपंप से लालपानी की समस्या है। एक किलोमीटर दूर नदी में जाकर ग्रामीण अपने पेयजल और निस्तारी जल की समस्या का का समाधान करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि टंकी में पानी में इसलिए नहीं भरता क्योकि यहां पानी स्त्रोत नहीं है। गांव में कई हैंडपंप भी सूख चुके हैं,घरों में बनाए गए कच्चे पक्के कुआं में भी पानी नहीं होने के कारण यहां पानी की समस्या बढ़ गई है।

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