14.06. 2018 

भिलाई  स्टील प्लांट के नवगठित ब्लास्ट फर्नेस 8(महामाया) सहित अन्य नवनिर्मित इकाइयों को राष्ट्र को समर्पित करने आए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भिलाई स्टील प्लांट के महत्व को तो बताया किंतु उस संयंत्र में कार्य कर रहे कर्मियों एवं ठेका मजदूरों के अधिकारों के ऊपर में एक भी बात नहीं कही |

PM मोदी ने माना भिलाई इस्पात संयंत्र के महत्व को

बात-बात पर सार्वजनिक उद्योगों की निंदा करते हुए सार्वजनिक  उद्योगों के निजीकरण की बात करने वाले PMमोदी ने अपने वक्तव्य में माना कि कच्छ से लेकर उड़ीसा तक एवं कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जितनी भी रेल की पटरी  बिछी हुई है, उसमें से अधिकांश भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मियों के द्वारा निर्मित किया हुआ है अर्थात भिलाई इस्पात संयंत्र के द्वारा निर्मित पटरियों के बिना देश की जीवनधारा कही जाने वाली रेल संचार को चला पाना लगभग नामुमकिन है |

मजदूरों को उतरना होगा संघर्ष के मैदान में

पीएम मोदी जी ने  अपने भाषण में भिलाई इस्पात संयंत्र सहित सेल के महत्व का बखान किया है | ऐसे में इस उद्योग के महत्व को समझते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र सहित सेल के वेतन समझौता में जानबुझकर पैदा की गई बाधा को दूर किया जाना चाहिए था,किन्तु जब सरकार ही सार्वजनिक उद्योग के दुश्मन बन बैठी हो तो उसकी रक्षा करने के लिए एवं अपने वेतन समझौता को अंजाम तक पहुंचाने के लिए मजदूरों को ही संघर्ष के मैदान में उतरना होगा |

ठेका श्रमिकों के लिए नहीं थे मोदी के पास कोई शब्द

ठेका मजदूरों के सबसे प्रमुख मांग“समान काम के लिए समान वेतन” जो कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय भी है पर मोदी जी ने कुछ नहीं कहा | साथ ही ठेका श्रमिकों के ज्वलंत मुद्दे जैसे न्यूनतम वेतन,26 दिन का कार्य, ईएसआई, हाजिरी कार्ड, सुरक्षित कार्य प्रणाली आदि पर कोई भी बात नहीं कहा, जबकि उस सभा में पहुंचे हुए अधिकांश लोग “वो चाहे गांव के हो या शहर के” इन समस्याओं से हर दिन रूबरू हो रहे हैं |

उत्पादन बंद करके कर्मियों को मोदी सभा में भेजना संयंत्र विरोधी कदम

संयंत्र के नई इकाइयों को राष्ट्र को समर्पित करने आए PMमोदी के लिए आयोजित आम सभा में भीड़ बढ़ाने के लिए प्रबंधन ने एन केन प्रकेरण अपने कर्मियों को वहां पहुंचाने के लिए दबाव बनाते रहे, इसका नतीजा यह हुआ कि कई विभागों में मेन पावर की कमी नजर आई, कई विभागों में अधिकारियों ने यह कहा की “आप आमसभा में जाइए आप की हाजिरी विभाग से लगा दी जाएगी” |वही जब कर्मी अपने अधिकारों के लिए 1 दिन का हड़ताल करता है तो उसे खत्म करने के लिए यही अधिकारी तरह-तरह के प्रपंच रचते हैं

सार्वजनिक उद्योग विरोधी है केंद्र सरकार

मोदी जी ने अपने वक्तव्य में कहा की बस्तर नेट एवं भारतनेट फेस-2 के तहत छत्तीसगढ़ के अंदर 12 सौ से ज्यादा मोबाइल टावर लगाए जाएंगे | किंतु यह टावर किस कंपनी के होंगे, इसका उन्होंने जिक्र नहीं किया है | क्योंकि यह सर्वविदित है, कि यह सरकार जब से केंद्र में आई है तभी से अंबानी की कंपनी जियो को आगे एवं BSNL को पीछे धकेलने में लगी हुई हैहाल ही में बीजेपी सरकार द्वाराBSNL के 6500 टावरो को छीन कर जियो को देना इसका  ज्वलंत उदाहरण है | वही बस्तर में विमान सेवा को शुरू करने कि बात करने वाले पी एम मोदी ने यह नहीं बताया कि ये विमान सेवाए इंडियन एयरलाइन्स देगा या कोई निजी एयरलाइन्स देगा |

 

बेरोजगार युवाओं का विरोधी है केंद्र सरकार

केंद्र सरकार द्वारा किए गए वादे के अनुसार हर वर्ष 2करोड लोगों को रोजगार दिया जाना चाहिए था किंतु भिलाई में दिए वक्तव्य में पीएम मोदी ने नौजवान युवकों के रोजगार के संदर्भ में कोई बात नहीं कही उल्टी उनकी सरकार लगातार “फिक्स टर्म एंप्लॉयमेंट” के लिए सार्वजनिक उद्योगों पर दबाव बना रही है जिससे भविष्य में बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिल पाएगा |

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विनोद कुमार सोनी( एटक)
बिजेंद्र तिवारी (ऐक्टू)
कलादास डहरिया
(छ.मु.मो.मकस)
सुरेन्द्र मोहंती (लोईमू)
डी.व्ही.इस.रेड्डी(सीटू)