किसी जान लेकर अल्लाह या ईश्वर को प्रसन्न करने की धारणा ही अतार्किक है : अल्लाह को खुश करने के लिए बच्ची की दी कुर्बानी.

किसी जान लेकर अल्लाह या ईश्वर को प्रसन्न करने की धारणा ही अतार्किक है :  अल्लाह को खुश करने के लिए बच्ची की दी कुर्बानी.

किसी जान लेकर अल्लाह या ईश्वर को प्रसन्न करने की धारणा ही अतार्किक है : अल्लाह को खुश करने के लिए बच्ची की दी कुर्बानी.

11.06.2018

कुर्बानी(बलि ) अंधविश्वास

डॉ दिनेश मिश्र  अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि.अन्धविश्वास में पड़ कर एक 4 वर्षीय बच्ची की बलि ( कुर्बानी)देने का मामला सामने आया है जिसमें राजस्थान के जोधपुर के पीपरसिटी के एक व्यक्ति नवाब कुरेशी ने अपनी 4 वर्षीया बच्ची रिजवाना की हत्या गला काट कर, कर दी कि रमजान के पाक महीने में अपनी प्रिय वस्तु की कुर्बानी देने पर अल्लाह खुश होकर रहमत बरसायेंगे ।अंधविश्वास में अंधे होकर अपना मानसिक संतुलन खो चुके उस व्यक्ति ने अपनीं बेटी रिजवाना को रात में 2 बजे सोते से उठाया ,कलमा पढ़ाया, और गोद में बैठा कर बकरा काटने के चाकू से रिजवाना का गला काट दिया और चुपचाप जा कर सो गया ।सबेरे बच्ची की माँ ने जब बच्ची को अपने पास नहीं पाया तब उसे ढूंढ़ना आरम्भ और उसका मृत शरीर मिला ,हत्यारे ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और पुलिस कीगिरफ्त में है । अतिनिन्दनीय और दुखद घटना ।

धर्म और ईश्वर के नाम पर किसी निर्दोष की हत्या करना पूर्णतः अधार्मिक है ,अल्लाह और भगवान के नाम पर किसी की भी हत्या करना ,चाहे उसे बलि का नाम दें ,या कुर्बानी कहें अमानवीय है।किसी निर्दोष का खून बहा कर ,किसी जान लेकर अल्लाह या ईश्वर को प्रसन्न करने की धारणा ही अतार्किक है .

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