श्रम-संघों के संयुक्त मोर्चे ने आज ठेका श्रमिकों की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर सहायक महाप्रबंधक आईआर के माध्यम से संयंत्र के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा : सेंटर आँफ स्टील वर्कर्स- ऐक्टू, भिलाई.

श्रम-संघों के संयुक्त मोर्चे ने आज ठेका श्रमिकों की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर सहायक महाप्रबंधक आईआर के माध्यम से संयंत्र के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा : सेंटर आँफ स्टील वर्कर्स- ऐक्टू, भिलाई.

श्रम-संघों के संयुक्त मोर्चे ने आज ठेका श्रमिकों की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर सहायक महाप्रबंधक आईआर के माध्यम से संयंत्र के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा : सेंटर आँफ स्टील वर्कर्स- ऐक्टू, भिलाई.

30 मई, 2018  

भिलाई 

श्रम-संघों के संयुक्त मोर्चे ने आज ठेका श्रमिकों की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर सहायक महाप्रबंधक आईआर के माध्यम से संयंत्र के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा. एजीएम सूरज सोनी की अनुपस्थिति में उप प्रबंधक जगदीस प्रसाद को ज्ञापन सौंपा गया.

ज्ञापन में संयंत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और मौतों पर गहरी चिंता जताते हुए कहा गया है कि काम के दबाव में श्रम-कानून व सुरक्षा नियमों की अनदेखी के चलते आये दिन दुर्घटनाओं व मौतों का क्रम जारी है जिसकी चपेट में ज्यादातर ठेका श्रमिक आते रहे हैं. मई के महीने में ही चार मौतें हो चुकी हैं. लगातार शिकायतों के बावजूद श्रम-कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा है. ठेका श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी, वेतन-पर्ची, पीएफ-पर्ची, हाज़िरी-कार्ड, ईएसआई आदि तमाम मामलों में धांधली हो रही है तथा समय पर वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है. ठेकेदारों का व्यवहार अलोकतांत्रिक बना हुआ है और ठेका श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के दायित्वों का निर्वहन नहीं किया जा रहा है.

ज्ञापन में मांग की गई है कि–

1.श्रम-कानूनों व सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए कार्य स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये.

2. स्थापित नियमों के अनुसार प्रधान नियोक्ता होने के नाते कार्य के दौरान ठेका श्रमिकों की मौत होने पर उनके एक आश्रित को संयंत्र में स्थायी नौकरी सुनिश्चित की जाये.

3. ठेका श्रमिकों के लिए सेल का न्यूनतम वेतन निर्धारित करते हुए सुप्रीम कोर्ट निर्देशित “समान काम, समान वेतनमान” के नियम को लागू किया जाये

4. तकनीकी कार्यों में अप्रशिशित श्रमिकों को न लगाया जाये.

5. श्रमिकों के ट्रेड-युनियन व लोकतांत्रिक अधिकारों की गारंटी करते हुए ठेकेदारों के अभद्र व अलोकतांत्रिक व्यवहारों पर पूर्णतः रोक लगाई जाये.

6. ठेका श्रमिकों की न्यूनतम मज़दूरी, वेतन-पर्ची, पीएफ-पर्ची, हाज़िरी-कार्ड, ईएसआई कार्ड के साथ महीने की 10 तारीख़ तक उनके वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाये.

7. ठेका श्रमिकों के पीएफ व ईएसआई में की जा रही अनियमितता पर पूर्णतः रोक लगाई जाये और महीने में 26 दिन काम की गारंटी की जाये.

8. ठेका श्रमिकों को सेवा-समयावधि के अनुसार वर्गीकृत कर पदनाम दिया जाये और हर चार साल में उन्हें पदोन्नत किया जाये

9. औद्योगिक विवाद अधिनियम के अंतर्गत युनियन-मान्यता की चुनाव-प्रक्रिया में भागीदारी व मताधिकार सुनिश्चित किया जाये. श्रम-संघों के संयुक्त मोर्चे ने प्रबंधन को आगाह किया है कि ठेका श्रमिकों में जबर्दस्त आक्रोश पनप रहा है और उनकी समस्याओं का जल्द उचित समाधान नहीं किया गया तो वे कभी भी आंदोलित हो सकते हैं.

ज्ञापन देने गये प्रतिनिधिमंडल में हिंदुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक युनियन- सीटू से योगेश सोनी, कमलेश चोपड़ा, पी वेंकट, मनीष सहगल, सेंटर आँफ स्टील वर्कर्स- ऐक्टू से श्याम लाल साहू, अशोक मिरी,जेपी नायर, आरपी गजेंद्र, प्रभाकर दाते, लोकतांत्रिक इस्पात एवम् इंजीनियरिंग मज़दूर युनियन से सुरेंद्र मोहंती, कलादास डेहरिया, राजेंद्र परगनिहा, देवेंद्र सोनी, हेमत साहू शामिल थे.

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सेंटर आँफ स्टील वर्कर्स- ऐक्टू, भिलाई.

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