डी-पिलरिंग प्रभावित क्षेत्र का SECL हाई पावर कमेटी निरीक्षण कर लेगी अंतिम निर्णय :  धसान क्षेत्र का हो सकता है अधिग्रहण :  माकपा का प्रस्तावित आंदोलन स्थगित किया गया ।

सुराकछार / 30.05.2018

बलगी सुराकछार उपक्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2007-08 में अंडर ग्राउंड खदान में फेस बन्द करने के दौरान पिल्लर गिराने के कारण सुराकछार बस्ती के ऊपरी सतह में खेतों को भारी नुकसान हुआ था। जिसमे 52 किसान प्रभावित हुए थे । मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव सपूरन कुलदीप के नेतृत्व में किसानों ने आंदोलन चलाया था जिसके बाद प्रतिवर्ष फसल की नूकसानी की भरपाई के लिए त्रिपक्षीय समझौता किया गया था जिसमे निर्णय लिया गया था कि हर साल मुआवजा वितरित किया जाएगा और खेतों का समतलीकरण कर खेती योग्य बना दिया जाएगा । किन्तु 6 सालो के लिये दो बार क्षतिपूर्ति राशि देने के बाद एसईसीएल प्रबन्धन ने अपना हाथ खींच लिया था । जबकि खदान में हुए भूधसान से नूकसानी की भरपाई के लिए फसल क्षतिपूर्ति हेतु कटघोरा एसडीएम ने एसईसीएल कोरबा क्षेत्र को मुआवजा पत्रक तैयार कर भुगतान करने का आदेश 1 साल पूर्व ही जारी कर दिया है । किंतु एसईसीएल के भू एवं राजस्व अधिकारी किसानों को मुआवजा प्रदान करने में बहानेबाजी कर रहे है । इसी तरह से खेती के लिहाज से बर्बाद हो चुके खेतो को मरम्मत कराने और पानी रोकने के लिए मिनी एनीकेट निर्माण के लिए सुराकछार उपक्षेत्र से भेजे गए स्टीमेट का अनुमोदन को भी रोक दिया गया है ।

 

इसके विरोध में माकपा के द्वारा 14 मई 2018 को सुराकछार सब एरिया कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर 30 मई को कोयला का परिवहन रोकने का नोटिस दिया था । इस बीच नवपदस्थ उपक्षेत्रीय प्रबंधक श्री जीवन दिव्य सी ने सकारत्मक पहल करते हुए एसईसीएल हेडक्वाटर के आला अधिकारियों को मामले की निपटारे के उच्च स्तरीय कमेटी से क्षेत्र का निरीक्षण कर अंतिम निर्णय लेने की मांग किया था । और 23 मई को एक हाई पावर कमेटी का गठन किया गया है जिसे 15 दिवस के भीतर जांच कार्यवाही कर अंतिम निर्णय लेने की संभावना है । आज एसईसीएल के सुराकछार कार्यालय में इस संबंध में किसानों के साथ वार्ता रखी गयी थी जिसमे बताया गया है कि हर साल बिना किसी अड़चन के फसल क्षतिपूर्ति प्रदान करने अथवा जमीन का अधिग्रहण करने के लिए उक्त कमेटी निर्णय लेगी ।

माकपा के जिला सचिव श्री कुलदीप ने इस सबंध में बताया कि भूधसान के बाद लगातार जमीन का कटाव बढ़ता जा रहा है जिससे नदी की चौड़ाई भी बढ़ रही है और 5-6 सालो में उक्त क्षेत्र की पूरी खेत ही बर्बाद हो जाएगी , सर्वेक्षण विभाग के जानकारों के अनुसार इस जगह की मरम्मत नही किया जा सकता है । इसलिए किसानों ने मांग किया है कि एसईसीएल प्रबंधन जमीन का अधिग्रहण नए भूअधिग्रहण अधिनियम के तहत मुआवजा ,रोजगार की व्यवस्था करे । माकपा नेता ने आगे बताया कि कमेटी के द्वारा तत्काल पिछली फसल क्षति पूर्ति की राशि का भुगतान नही करती है तो सड़क की लड़ाई के साथ ही अवैधानिक रूप से डी पिलरिंग करने और पूर्व में हुए समझौते का पालन नही करने के लिए एसईसीएल प्रबधन और जिला प्रशासन के विरुद्ध हाई कोर्ट में पिटीशन लगाया जाएगा ।

*कमेटी में शामिल है ये अधिकारी*
01.  एम एम देशकर (चीफ मैनेजर (माइनिंग) एल एन्ड आर , बिलासपुर
02.  गिरीश दीक्षित सीनियर आफिसर (सर्वे ) एल एन्ड आर , बिलासपुर
03. नोडल अधिकारी एल एंड आर कोरबा एरिया
04. एरिया फाइनेंस मैनेजर कोरबा एरिया
05. उपक्षेत्रीय प्रबन्धक सुराकछार बलगी उपक्षेत्र

***
सपुरन कुलदीप
जिला सचिव माकपा

Leave a Reply

You may have missed