SECLकोरबा : 19 दिन बाद भी एस ई सी एल का प्रताड़ित परिवार आंधी पानी और 43 डिग्री गर्मी में आज भी पेड़ के नीचे रहने को मजबूर .: प्रबन्धन ने नहीं ली कोई खोज खबर .

SECLकोरबा : 19 दिन बाद भी एस ई सी एल का प्रताड़ित परिवार आंधी पानी और 43 डिग्री गर्मी में आज भी पेड़ के नीचे रहने को मजबूर .:  प्रबन्धन ने नहीं ली कोई खोज  खबर .

SECLकोरबा : 19 दिन बाद भी एस ई सी एल का प्रताड़ित परिवार आंधी पानी और 43 डिग्री गर्मी में आज भी पेड़ के नीचे रहने को मजबूर .: प्रबन्धन ने नहीं ली कोई खोज खबर .

आज दिनांक 13/05/2018 रात 9.00 बजे की स्थिति….

एस ई सी एल द्वारा इस परिवार को 19 दिन पहले इनके घर को तोड़ दिया था और ऊनकि यह पॉलिसी है कि मकान तोड़ने के बाद ही पुनर्वास के लिये साधन उपलब्ध कराये जाएंगे ,तब से पूरा परिवार एक पेड के नीचे खुले में रह रहा है ,43 डिग्री की गर्मी और आज की बरसात आंधी पानी मे भी यह लोग पेड़ के नीचे रह रहे है .

सुखराम डहरिया पिता हीराराम निवासी ग्राम भठोरा,तहसील कटघोरा, जिला कोरबा (छ.ग.) का निवासी, का परिवार रात के अंधेरे मे बिना छत के खुले मे बसर करने पर मजबुर, आंधी तुफान चल रही है जिसके कारण आज रात खुले मे खाना नही बन पाया ऊर्जाधानी भुविस्थापित संगठन जिला कोरबा ने उन्हे खाना उपलब्ध कराया , लेकिन किसी के घर मे शरण लेने से पीडित परिवार ने मना कर दिया…..

परिवार की केवल एक ही जिद 

जब एक पीढी से ऊपर ग्राम भठोरा मे निवासरत है तो क्यो किया जा रहा पुनर्वास से वंचित।
परिवार की मांग है कि उन्हे तत्काल पुनर्वास की वयवस्था किया जाए या पुनर्वास के बदले मिलने वाली एकमुश्त राशि 3,00,000, रू को दिया जाए ।

क्या बुरी स्थिति है SECL के लापरवाही का खामियाजा ये परिवार भुगत रहा है आज 19 वां दिन भी SECL इनको पुनर्वास हेतु जमीन उपलब्ध नही करा पाई नही पुनर्वास के बदले एकमुश्त तीन लाख रूपये मुआवजा । दिनभर पेड के नीचे रह रहा है परिवार अपने 03 मासुम नतनीनो के साथ, रात के खुले आसमान मे रह रहे है ।शर्म आनी चाहिए SECL प्रबंधन को कोई भी SECL गेवरा का अधिकारी इनका हाल चाल पुछने तक नही आई ।

विडियो संलग्न 

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