SECL के कोल इंडिया पालिसी के कारण पेड के नीचे जीवन यापन के लिए मजबूर – गेवरा ,कोरबा .

12.05.2018

गेवरा ,कोरबा 

ऊर्जाधानी भुविस्थापित संगठन केेअध्यक्ष सुरेन्द्र प्रसाद राठौर  ने बताया हैै कि ग्राम भठोरा निवासी खातेदार सुखराम पिता हीराराम का मकान व जमीन का अधिग्रहण SECL गेवरा परियोजना द्वारा किया गया है , इनके मकान को गेवरा परियोजना द्वारा दिनांक 25/04/2018 को तोडवाया गया लेकिन आज दिनांक तक मकान का मुआवजा नही दिया गया है , जिसके कारण पेड के नीचे पिछले 17 दिनो से अपनी 03 छोटे नतनीन व पत्नि सहित कडी धूप मे निवासरत है

कोल इंडिया पालिसी के कारण मकान तोडने के बाद मुआवजा का भुगतान किया जाता है जिसका खामियाजा प्रभावित किसानो को भुगतना पड रहा है ।

पेड के नीचे पुरा परिवार कडी धुप मे बैठे है उसमे से एक बच्ची गंभीर अवस्था बुखार से तडप रही है, विगत कई दिनो से भुखे है ,भुविस्थापित संगठन ने इस परिवार को मदद करने की बहुत कोशिश की लेकिन पीडित परिवार जिद पर अडा है और उनका कहना है कि जब तक मकान का मुआवजा व पुनर्वास की सुविधा नही दी जाएगी तब तक ,किसी से कोई मदद नही लेंगे ।

कोल इंडिया पालिसी मे एक बहुत बडी खामी है जिसके अनुसार मकान के मुआवजे का भुगतान मकान तोडने के बाद किया जाता है ,जिससे खामियाजा प्रभावित परिवार को भुगतना पडता है ।

इस पालिसी मे संशोधन के लिए लगातार हमारी समिति द्वारा मांग किया जा रहा है कि पहले मकान के मुआवजे का भुगतान किया जाए उसके बाद 06 माह का समय अन्य जगह मकान बनाने के लिए दिया जाए और पुनर्वास की व्वस्था पहले किया जाए । लेकिन प्रबंधन मांग को पुरा ही नही कर रही है और कोल इंडिया पालिसी मे संशोधन नही कर रही है । अगर इस परिवार के साथ किसी भी प्रकार का कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी जिम्मेदार केवल SECL गेवरा प्रबंधन होगा .

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