? ह्यूमन राइट डिफेंडर्स अलर्ट ने मानव अधिकार आयोग को कमल शुक्ला पर देशद्रोह के आरोप संबंधी अपील की .

?  ह्यूमन राइट डिफेंडर्स अलर्ट ने मानव अधिकार आयोग को कमल शुक्ला पर देशद्रोह के आरोप संबंधी अपील की .

? ह्यूमन राइट डिफेंडर्स अलर्ट ने मानव अधिकार आयोग को कमल शुक्ला पर देशद्रोह के आरोप संबंधी अपील की .

ह्यूमन राइट डिफेंडर्स अलर्ट ने मानव अधिकार आयोग को कमल शुक्ला पर देशद्रोह के आरोप  के सबंध में निम्न पत्र लिखा .

***

नई दिल्ली

7.05.2018

प्रति,
श्री श्रीनिवास कामथ,
राष्ट्रीय फोकल पॉइंट – मानव अधिकार रक्षकों एवं डिप्टी रजिस्ट्रार,
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग,
मानव अधिकार भवन,
ब्लाक- सी, जी.पी.ओ. काम्प्लेक्स, आई.एन.ए.
नई दिल्ली – 110 023
इ-मेल: hrd-nhrc@nic.in

विषय:
एच.आर.डी.अलर्ट – भारत – अति आवशक अपील कार्यवाई हेतु
छत्तीसगढ़ – श्री कमल शुक्ल, पत्रकार के खिलाफ देशद्रोह के आरोप – सोशल मीडिया पर एक कार्टून पोस्ट करने सम्बंधित

माननीय महोदय,

ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स अलर्ट – भारत की ओर से शुभकामनाएं!

एच.आर.डी.अलर्ट- भारत, मानव अधिकार रक्षकों का एक मंच है जो मानव अधिकार रक्षकों के लिए बना है. मानव अधिकार रक्षकों की ओर से कार्यवाई करने का प्रयास करता है, जो खतरों में घिरे हों या उनकी सुरक्षा एक चिंता का विषय हो.

हम इस वक़्त बस्तर के एक पत्रकार के बारे में गहन चिंता व्यक्त करते हुए आपको यह आवेदन प्रेषित कर रहे हैं जो छत्तीसगढ़ के कांकेर ज़िले में सक्रिय हैं, और जो राज-द्रोह (sedition) के आरोप का सामना कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने उच्च न्यायपालिका में ताज़ा घटनाक्रम के सम्बन्ध में एक कार्टून पोस्ट किया था.

घटना की जानकारी का स्त्रोत:

श्री कमल शुक्ल, मानव अधिकार रक्षक से संचार;
उत्तरी भारत के एच.आर.डी.ए. के समन्वयक;
मीडिया रपटें

मानव अधिकार रक्षक:

श्री कमल शुक्ल छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके के कांकेर ज़िला के निवासी हैं. वे “भूमकाल समाचार” के सम्पादक हैं, जो एक स्थानीय इ-न्यूज़ है, और जो बस्तर इलाके में आदिवासियों के मानव अधिकारों के मुद्दों पर विशेष ध्यान देता करता है. फ़र्ज़ी मुठभेड़ों के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए श्री शुक्ल ने अपनी विशेष पहचान बने है. पत्रकार सुरक्षा कानून संयुक्त संघर्ष समिति के ज़रिये श्री शुक्ल ने छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक कानून बनाने की मांग को लेकर आन्दोलन चलाया है.

दोषी व्यक्ति:

श्री के.एल.ध्रुव, पुलिस अधीक्षक, कांकेर
छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस साइबर क्राइम विभाग

घटना दिनांक: अप्रैल 30, 2018
घटना का स्थान: कांकेर, छत्तीसगढ़

घटना का विवरण:

अपनी फेसबुक पर एक कार्टून पोस्ट करने के लिए कोतवाली पुलिस थाना में श्री कमल शुक्ल के खिलाफ भारतीय अपराध संहिता की धारा 124 (अ) के अंतर्गत राज-द्रोह (sedition) का मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में शिकायतकर्ता राजस्थान निवासी हैं, और उन्होंने रायपुर साइबर प्रकोष्ट में यह शिकायात दर्ज की. फिर इस शिकायत को कांकेर हस्तांतरित कर दिया गया. उन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन उनके खिलाफ इन आरोपों के लिए गिरफ्तार किये जाने की आशंका बनी हुई है.

कार्टून के बारे में श्री शुक्ल ने स्पष्टीकरण दिया है कि उन्होंने उच्च न्यायपालिका में वर्तमान परिस्थिति के बारे में चिंता व्यक्त की है, खासकर न्यायाधीश लोया की मृत्यु के प्रकरण के सन्दर्भ में. यह मुद्दा आम जनता में बहस का सार्वजानिक विषय है, जो सर्वोच्च न्यायालय में वर्तमान घटनाओं की श्रृंखला प्रकट होने से उत्पन्न हुए हैं. इस कार्टून को पोस्ट कर श्री शुक्ल ने महज़ अपनी अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का प्रयोग किया है.

श्री शुक्ल को यह भी आशंका है कि छत्तीसगढ़ पुलिस उनके खिलाफ जबरिया फ़र्ज़ी मुकदमें दर्ज कर सकती है, क्योंकि वे स्वतंत्र पत्रकारिता और मानव अधिकारों के पक्ष में सक्रिय हैं. यहां यह बताना ज़रूरी है कि श्री शुक्ल सुरक्षा बालों द्वारा आदिवासी बालिकाओं के अपहरण, यौन हिंसा, और फ़र्ज़ी मुठभेड़ों के मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं. वे छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की सुरक्षा कानून की मांग उठाने में साधक रहे हैं. श्री शुक्ल छत्तीसगढ़ में उन पत्रकारों की रिहाई के अभियान में काफी सक्रिय रहे हैं, जिन्हें फ़र्ज़ी मुकदमों में जानबूझकर फंसाया गया था, जब श्री एस.आर.पी. कल्लूरी बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक थे. एच.आर.डी.ए. यहां यह भी याद दिलाना चाहेगा कि छत्तीसगढ़ में पत्रकारों और अन्य मानव अधिकार रक्षकों के खिलाफ़ इन सभी मुकदमों के बारे में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में याचिका दायर की गयी थी, जिसके चलते श्री कलूरी को आयोग के समक्ष हाज़िर होने की नोटिस जारी हुई थी, और बस्तर संभाग से बाहर उनका तबादला भी किया गया था.

अपील:

इन लगातार होने वाली घटनाओं के परिवेश में जहां मानव अधिकार रक्षकों को (जिनमें पत्रकार भी शामिल हैं), डराया-धमकाया, और परेशान किया जाता है, अभिव्यक्ति की आज़ादी के मौलिक अधिकारों को नियंत्रित करने की नीयत से, आपसे गुज़ारिश है कि आप तत्काल कदम उठाते हुए:

श्री कमल शुक्ल, पत्रकार और मानव अधिकार रक्षक को डराने-धमकाने और उन पर बंदिश लगाने की जो ऊपर-दर्शाई गई घटना है, उनमें त्वरित एक स्वतंत्र, विस्तृत, पारदर्शी, असरदार और निष्पक्ष जांच का आदेश जारी करें.

कांकेर पुलिस को त्वरित आदेश दिया जाए कि वह श्री कमल शुक्ल के खिलाफ सभी आरोपों को तत्काल प्रभाव से वापस ले, जिनपर देश-द्रोह का आरोप लगाया गया है.

सभी परिस्थितियों में श्री कमल शुक्ल और उनके परिवार की शारीरिक और मनोवाज्ञानिक समग्रता की गारंटी दें. एन.एच.आर.सी. द्वारा श्री शुक्ल का बयान लिया जाए; और

श्री कमल शुक्ल से माफ़ी मांगते हुए, हानिपूर्ति करते हुए मुआवज़ा देने के प्रावधान को सुनिश्चित करें;
एच.आर.डी.ए. यह भी अपील करता है कि इस याचिका को छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग को हस्तांतरित न किया जाए. जैसा कि एन.एच.आर.सी. की वेबसाइट में स्पष्ट दर्शाया गया है कि इस राज्य मानव अधिकार आयोग में अध्यक्ष पद खाली है, और केवल एक ही सदस्य इसमें पदासीन है. इसलिए यह कोई भी प्रकरण पर विचार कर उस पर फैसला देने की परिस्थिति में नहीं है.

इस प्रकरण में आपके द्वारा त्वरित कार्यवाई की अपेक्षा में,

आपका आज्ञाकारी,

हेनरी तिफाने,
राष्ट्रिय कार्यवाही सचिव
प्रतिलिपि:

श्री मिचेल फोरस्ट,
मानव अधिकार रक्षकों की परिस्थिति पर विशेष रेप्पोर्तयूर
द्वारा: मानव अधिकारों के उच्च आयुक्त का ऑफिस
– पलिस विल्सन
जिनेवा में संयुक्त राष्ट्रों का दफ्तर,
सी.एच. 1211 जिनेवा 10, स्विट्ज़रलैंड
ई-मेल : urgent-action@ohchr.org defenders@ohchr.org hrd-ra@ohchr.org

2. सुश्री क्रिस्टीन चुंग,
मानव अधिकारों की अधिकारी – एशिया पसिफ़िक प्रकोष्ट,
फील्ड ऑपरेशन एवं टेक्निकल कोऑपरेशन विभाग
मानव अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्रों के उच्च आयुक्त का दफ्तर,
इ-मेल : cchung@ohchr.org

फ्रंट लाइन – मानव अधिकार रक्षकों की सुरक्षा हेतु अंतर्राष्ट्रीय
फाउंडेशन
दूसरा तल्ला, ग्रात्तन हाउस,
टेम्पल रोड, ब्लाच्क्रोच्क,
सीओ. डबलिन, आयरलैंड
इ-मेल: info@frontlinedefenders.org sayeed@frontlinedefenders.org
asia@frontlinedefenders.org

4. मानव अधिकार रक्षकों की सुरक्षा हेतु ऑब्जर्वेटरी,
वर्ल्ड आर्गेनाईजेशन अगेंस्ट टार्चर (ओ.एम्.सी.टी.)
8 रुए दू वियूक्स बिल्लार्ड,
1211 जिनेवा 8 – स्विट्ज़रलैंड
इ-मेल: dr@omct.org

5. एशियन फोरम फॉर ह्यूमन राइट्स एंड डेवलपमेंट
(फोरम – एशिया)
66/2 पण रोड, सिलोम बैंक रक्,
बैंकाक, 10500 थाईलैंड
इ-मेल: hrd@forum-asia.org

6. ओ.एम्.सी.टी. अंतर्राष्ट्रीय सचिवालय,
पोस्ट बॉक्स 21
8, रुए दू वियूस-बिल्लार्ड,
1211 जिनेवा 8
स्विट्ज़रलैंड
इ-मेल: omct@omct.org

7. ह्यूमन राइट्स वाच
350, फिफ्थ अवेनुए, 34वां तल्ला,
न्यू यॉर्क, अमरीका,
इ-मेल: gangulm@hrw.org bajorij@hrw.org

8. एमनेस्टी इंटरनेशनल भारत,
निचला तल्ला, # 235, 13वां क्रॉस,
इंदिरा नागर, स्टेज,
बंगुलुरु, कर्णाटक, भारत – 560 038.
इ-मेल: aakar.patel@amnesty.co.in

9. सिविकस : वर्ल्ड अलायन्स फॉर वर्ल्ड पार्तिसेपेशन
जोहनास्बेर्ग, दक्षिण अफ्रीका,
इ-मेल: : Mandeep.Tiwana@civicus.org tor.hodenfield@civicus.org
cathal.gilbert@civicus.org dominic.perera@civicus.org

10. नार्वेजियन ह्यूमन राइट्स फण्ड (एन.एच.आर.ऍफ़.)
पोस्ट बॉक्स 6890 , संत ओलाव्स पलास, एन-0130 ओस्लो, नॉर्वे,
इ-मेल: liv.kvanvig@nhrf.no

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