बीजापुर की नाबालिग आदिवासी बच्ची को 2 साल से बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में पदस्थ ASI ने बनाया था बंधक, पुलिस नही कर रही थी कार्यवाही ,लीपापोती में जुटा महकमा , सामाजिक कार्यकर्ताओं की पांच घण्टे की मशक्कत के बाद हुई एफ आई आर .

बीजापुर की नाबालिग आदिवासी बच्ची को 2 साल से बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में पदस्थ ASI ने बनाया था बंधक, पुलिस नही कर रही थी कार्यवाही ,लीपापोती में जुटा महकमा , सामाजिक कार्यकर्ताओं की पांच घण्टे की मशक्कत के बाद हुई एफ आई आर .

बीजापुर की नाबालिग आदिवासी बच्ची को 2 साल से बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में पदस्थ ASI ने बनाया था बंधक, पुलिस नही कर रही थी कार्यवाही ,लीपापोती में जुटा महकमा , सामाजिक कार्यकर्ताओं की पांच घण्टे की मशक्कत के बाद हुई एफ आई आर .

 

बिलासपुर / 5.05.2018

छतीसगढ पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत शैलेन सिंह और उसकी पत्नी शशी सिंह ने बीजापुर के गांव पेद्दा पारा थाना गंगालूर से दो साल पहले एक नाबालिग लडकी को काम और पढाई का बहाना बना कर बिलासपुर ले आये थे, तब से अब तक शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देते रहे ,दो दिन पहले किसी ने हेल्प लाइन 1098 पर फोन से पुलिस को शिकायत की तब सखी संगठन के साथ दविश मार कर बेहद अमानवीय स्थिति में उसे बरामद किया घर के बाहर ताला लगा हुआ था ,अन्दर लड़की घायल अवस्था में रोती हुई लडकी मिली .

 

नाबालिग लडकी उम्र 16 साल से कम ने बताया कि जब शैलेन्द्र सिंह बीजापुर मे पदस्थ था तब उसे गरीब मां पिता को यह कह साथ ले आये कि हम इसका भविष्य बना देंगे ,रूपये भी देंगे और आगे पढाई भी करवायेंगे ,लेकिन एक सप्ताह तो कुछ नही किये उसके बाद दिन रात काम कराते थे और बुरी तरह मारपीट करने लगे ,और कहते थे कि किसी से कहा तो.हम तुझे जान से मार देंगे ,एक बार भागने की भी कोशिश की लेकिन असफल हो गई ,जब बाहर जाते थे तो बाहर से ताला लगा देते थे .बुरी तरह मारते मारते कई बार डंडा भी टूट गया ,मेरे चिल्लाने पर शेलेन्द्र सिंह कहता था कि और मारो चिल्लाये तो ,मारपीट उसकी पत्नी शशी सिंह करती थी जो चकरभाठा मे शिक्षक का काम करती हैं .

पुलिस आई बचाव में

लड़की की बरामदगी यद्यपि पुलिस की ही कार्यवाही थी ,लेकिन इसके बाद विभाग उस एएसआई के बचाव मे उतर आया , यह भी कहलवाया गया कि लडकी कोई कार्यवाही नही चाहती बस अपने घर वापस जाना चाहती है .पुलिस विभाग एफआईआर दर्ज करने को तैयार नहीं था ,दो दिन बाद तक उसका मेडिकल नही कराया गया सिर्फ मुलाहिजा ही कराया गया

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बनाया दबाब .

सामाजिक कार्यकर्ता और आप पार्टी की प्रियंका शुक्ला ने बताया कि खबर अखबार मे आते ही जिस पुलिस ने लडकी को बरामद किया था वही पुलिस शैलेन्द्र सिंह के बचाव मे लग गई .तरह तरह के बयान सामने आने लगे कि लडकी कोई कार्यवाही नही चाहती ,उससे मिलने नहीं दिया जा रहा था ,और एफआईआर दर्ज नहीं कि जा रही थी ,हमने पुलिस डीजी ,आई जी और एसपी से भी सम्पर्क किया तब जाकर लड़की से बात हुई .
दो दिन तक एफआईआर करने का दबाब बनाया गया .
4 मई को सामाजिक कार्यकर्ता सिरगिट्टी थाने गये और एक आवेदन संयुक्त रूप से लिख कर दिया जिसमे पीयूसीएल से नन्द कशयप ,एडवोकेट प्रियंका शुक्ला ,एडवोकेट निकिता अग्रवाल ,एडबोकेट दिव्या सी एस जे ,रंजना सी एस जे ने हस्ताक्षर किये और मांग की कि तुरंत अपराध कायम किया जाये तथा अपराधी को गिरफ्तार किया जाये .
सामाजिक संगठन के लोग दोपहर साढे तीन बजे से रात साढे आठ बजे तक सिरगिट्टी थाने मे बैठे रहे और तत्काल रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करते रहे ,पुलिस अडी रही कि आप लोग आवेदन पत्र देदीजिये हम कार्यवाही कर लेंगे ,लेकिन काफी बहस और लोगों के दबाब के बाद अन्ततः एफआईआर हुई . पीड़िता और कार्यकर्ताओं का कहना था कि रिपोर्ट में जे जे एक्ट धारा 2015 की 75,79 ,sc st की धारा 3 /2 ipc की धारा 370 /7 , 323 294 ,506 ,34 एवं बाल श्रमिक और जो भी अपराध बनता हो उसके अनुसार कार्यवाही की जाये ,भारी बहस के बाद आखिर पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने को तैयार हुई और धारा 307 /07, मानव तस्करी एक्ट की धारा 75,79 को उम्र के प्रमाणपत्र मिलने के बाद जोड़ने को राजी हुए उस पर sc st की धारा लगाई गई और 294,342,506 ,323-34 Ipc जोडी गई है .

अब कल होगा मेडीकल .

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