पत्त्थर गड़ी : छतीसगढ पुलिस सबसे ज्यादा क्रूर है : पत्थल गढ़ी के पीड़ितों को ही गिरफ्तार कर लिया .तोड़फोड़ और मारपीट करने वाले है उनके मेहमान .

पत्त्थर गड़ी : छतीसगढ पुलिस सबसे ज्यादा क्रूर है : पत्थल गढ़ी के पीड़ितों को ही गिरफ्तार कर लिया .तोड़फोड़ और मारपीट करने वाले है उनके मेहमान .

पत्त्थर गड़ी : छतीसगढ पुलिस सबसे ज्यादा क्रूर है : पत्थल गढ़ी के पीड़ितों को ही गिरफ्तार कर लिया .तोड़फोड़ और मारपीट करने वाले है उनके मेहमान .

 


1 मई 2018
*
जशपुर के बछरांव मे तीन दिन पहले आदिवासीयों द्वारा परंपरागत पत्थर गाड़ा गया था जिसमे संविधान की उन धाराओं का उल्लेख था जो पांचवी अनुसूची के तहत उन्हें प्राप्त है ,यध्यपि कुछ लेख पर आपत्ति भी थी कुछ लोगों को की वह गलत व्याख्या है .

उसके दुसरे दिन से ही भाजपा के नेताओ ने उसका विरोध शुरू कर दिया और जशपुर के महल की अगुआई में पूरे मामले को मिशनरियों और माओवादियों की तरफ मोड दिया जिसमे मीडिया समूह ने भी भरपूर माहौल बनाया .
तुरंत बाद भाजपा ने उन्हीं गांवो में सद्भावना यात्रा की घोषणा कर दी , यात्रा निकाली भी गई ,यात्रा में केंद्रीय मंत्री ,राज्यसभा सदस्य ,तीन भाजपा विद्यायक और दिवगंत दिलीपसिंह जूदेव के पुत्र भी शामिल हुये .

 

यात्रा में उत्तेजक नारे लगाए गए ,कुछ लोग तोड़ने फोड़ने के औजार भी साथ मे लिए थे .पत्थल गढ़ी के पास पहुचते ही बेहद जिमेदार और सुरक्षाकर्मियों से घिरे भाजपा के नेता ने रोष मे कहा ” यह संवैधानिक नही है इसे हटाओ ” बस इतना सुनते ही एक महिला नेता की अगुआई में भीड जय श्री राम ,वन्दे मातरम और भारत माता के नारे लगाते हुये पत्थल गड़ी पर टूट पड़े और अपने साथ लाये सब्बल ,फावड़ा ,गेंती से उसे तोड़ दिया और आस पास के लोगों के साथ मारपीट भी किया फ़ोटो और वीडियो में साफ दिख रहा है कि तोड़ने वाले पत्थर के ध्वस्त होने के बाद नारे लगाते हूए जश्न मना रहे हैं .

इतने में गाँव के आदिवासी इक्कठे हो गए तब तक महत्वपूर्ण लोग वहाँ से जा चुके थे .उन्होंने
उपस्थित अधिकारियों और पुलिस प्रशशन से विरोध प्रस्तुत किया और कहा कि जिन्होंने इसे तोड़ा है उनके खिलाफ कार्यवाही की जाये ,पत्थर को दुबारा गाड़ा जाये और जिला प्रशासन ने जो नोटिस दिया है उसे वापस किया जाये ,इस चर्चा में रात के दो बज गये और आश्वाशन के बाद सब अपने घर चले गये थे यह मान कर की चर्चानुसार कार्यवाही की ही जायेगी .
लेकिन छतीसगढ पुलिस ने पत्थर तोडने वालों या मारपीट करने वालों पर कार्यवाही करने की बजाय जिन आदिवासियों ने पत्थल गाड़ा था उनके नेताओ को ही गिरफ्तार कर लिया जिसमे उनके प्रमुख पूर्व आई ए एस अधिकारी एच पी किंडो और जोसेफ़ मिंज है इन्हें न्यायालय मे पेश करके 14 दिन ऐके लिये जेल भेज दिया .और दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है , इन दोनों की गिरफ़्तारी नारायणपुर पुलिस थाने में दर्ज अपराध में हुई है। जिसमें 149,153-C,505(1)(C) और 120B की धाराएँ में हुई हैं . कहा जा रहा हैं की एक ही धर्म के लोगों को चुन चुन कर परेशान किया जा रहा हैं .

कमाल की पुलिस और अधिकारी हैं जो कानून नही महल से संचालित होते हैं .
लोग कह रहे है कि यदि छतीसगढ की पुलिस 6 दिसबर को अयोध्या मे होती तो बाबरी मस्जिद तोडने के आरोप मे आडवाणी और अन्य भाजपा नेताओं की जगह बाबर और मीर तक़ी को पकड कर जेल भेज देते और आरोप लगाते कि इन लोगो ने मस्जिद बनाई ही क्यों जिससे 400 साल बाद भाजपा के लोग उत्तेजित हो गये और उसे तोड़ दिया ,इसलिए मुकदमा आडवाणी ,उमा भारती या मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ नही बाबर के खिलाफ चलना चाहिये था.

अभी और भी गिरफ्तारी की संभावना हैं .

CG Basket

Related Posts

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account