⚫ प्रसिद्ध चित्रकार और हिंदी के समर्थ कहानीकार राम कुमार का आज निधन .

 

सुप्रसिद्ध चित्रकार और हिंदी के समर्थ कहानीकार राम कुमार का आज निधन हो गया.
आधुनिक भारतीय चित्रकला के शीर्षस्थ चित्रकारों में शुमार राम कुमार के आकार हीन लैंडस्केप खूब सराहे गयें.
कहानी लेखन का उनका अपना मुहावरा था, जो अलहदा था.

 

भारतीय अमूर्त कला के वरिष्ठम कलाकारों में से एक कलाकार रामकुमार वर्मा का आज सुबह निधन हो गया l संपुर्ण भारतीय कला जगत के लिए दुखद खबर है l शिमला में पैदा हुए रामकुमार दिल्ली शिल्पी चक्र और प्रोग्रेसिव आर्ट ग्रुप के सदस्य थे l इनकी कला शिक्षा कलागुरु शैलोज़ मुखर्जी के संरक्षण में शारदा उकील स्कूल आफ आर्ट दिल्ली में हुई l अपने दृश्यचित्रण के लिए दुनिया भर में चर्चित थे l 1960 के अपने बनारस प्रवास के बाद फिर कभी आकृतिमूलक चित्र नहीं बनाये मगर अपने दृश्यचित्रण में मूर्त से अमूर्त और फिर अमूर्त से मूर्त की ओर इनकी कलाकृतिया कई बार वापस लौटी l इनकी कलाकृतियों में आकृतियों के अमूर्तन के वावजूद रंगों में प्राकृतिक रुझान हर कलाप्रेमी को अपनी ओर आकर्षित करती हैं l कला और साहित्य दोनों में रूचि रखनेवाले कलाकारों में से एक रामकुमार की अपने छोटे भाई प्रशिद्ध हिंदी साहित्यकार निर्मल वर्मा की तरह कई रचनाये छपी हैं जिनमे दो उपन्यास और कहानियां भी शामिल है l अपने घर के बेसमेंट में स्थित स्टूडियो में अपने अंतिम समय तक रचनाशील रहे l ललितकला अकादमी के फेलोशिप ,कालिदास सम्मान ,पद्मश्री ,पद्मभूषण के साथ साथ न्यूयार्क के जान डी रॉकफेलर फेलोशिप से सम्मानित रामकुमार सय्यद हैदर रजा ,तय्यब मेहताऔर मकबूल फ़िदा हुसैन के अभिन्न मित्र थे l उनकी अधिकतर कलाकृतियों में उनके प्रिय शहर बनारस और शिमला के दृश्यों की झलक देखने को मिलती है l शांत स्वभाव के रामकुमार का व्यक्तित्व और जीवन सरल था जबकि इनके मित्रगण फैशनेबल और शोमैन थे l दिल्ली के भारती आर्टिस्ट कालोनी स्थित निवास में मुझे भी उनसे मिलने का सौभाग्य मिला था l अपनी बातचीत में एक महत्वपूर्ण बात कही की भारत में अब कला बाजार का विकेन्द्रीकरण होना चाहिए महानगरों में स्थित आर्ट गैलरी को छोटे शहरों में भी कला प्रदर्शनी आयोजित करनी चाहिए और काम खरीदना चाहिए l

ऐसे मूर्धन्य कलाकार के निधन पर हम अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

सादर श्रद्धांजलि.

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