छत्तीसगढ़ लोक स्वातंत्र्य संगठन [ PUCL Chhattisgarh] को आर्थिक सहयोग करने की अपील

छत्तीसगढ़ लोक स्वातंत्र्य संगठन [ PUCL Chhattisgarh] को आर्थिक सहयोग करने की अपील

छत्तीसगढ़ लोक स्वातंत्र्य संगठन [ PUCL Chhattisgarh] को
आर्थिक  सहयोग करने की अपील
प्रिय साथी,
छत्तीसगढ़ लोक स्वातंत्र्य संगठन, राष्ट्रव्यापी
मानवाधिकार संगठन – पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) – की छत्तीसगढ़ इकाई
है. PUCL का गठन आपातकाल के दौरान लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुआ था.
इसका मकसद है भारत के समस्त नागरिकों 
– विशेषकर दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं,
मजदूरों-किसानों, कैदियों,आदि उत्पीडित और वंचित समुदायों – के बुनियादी नागरिक
एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना. विशेषकर जब शासन तंत्र, जिसकी जिम्मेदारी
होती है इन अधिकारों को सुनिश्चित करना, स्वयं इन अधिकारों का उल्लंघन करता है, तब
नागरिकों के पास इसके आलावा कोई उपाय नहीं रहता कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के
लिए एक स्वतंत्र मानव अधिकार संगठन का गठन करें

PUCL मानव अधिकार हनन की घटनाओं की निष्पक्ष, तथ्यपरक जांच करता है और उसे सार्वजनिक करता है, इस
विषय में प्रशासनिक अधिकारीयों और राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष
शिकायते दर्ज करता है, और जनता को उनके अधिकारों के विषय में शिक्षित करता है.
शासन की जिन कार्यवाहियों या पारित नियम-कानूनों के कारण बुनियादी अधिकारों का
उल्लंघन होता है, उन्हें PUCL न्यायालय में चुनौती भी देता है. PUCL ने सर्वोच्च
न्यायलय में भोजन के अधिकार को लेकर जो याचिका लगाई थी उसी के कारण देश भर की
शालाओं में मध्यान्ह भोजन प्रारंभ हुआ. PUCL की ही एक अन्य याचिका के कारण चुनाव
प्रत्याशियों को अपनी आय आदि की घोषणा करने की प्रक्रिया शुरू हुई. आज तक यह संगठन
बहुत से हिरासती मौतों और फर्जी मुठभेड़ों को भी उजागर कर चुका है. जाहिर है इस वजह
से कई बार इसके कार्यकर्ता शासन के कोपभाजन भी हुए हैं

PUCL की कार्यवाही पारदर्शी और लोकतान्त्रिक
है. हमारे राज्य में छत्तीसगढ़ लोक स्वातंत्र्य संगठन के करीब 250 सदस्य है. हर माह
के प्रथम रविवार को हमारी बैठक विभिन्न जिलों में होती है. हर वर्ष कम से कम एक
बार राज्य सम्मलेन किया जाता है और दो वर्षों में चुनाव के माध्यम से पदाधिकारी
चुने जाते है. हाल में हमने मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी, अल्पसंख्यकों की प्रताड़ना
और निर्दोष आदिवासियों की हत्या को लेकर काफी काम किया है.
यह संगठन किसी भी सरकारी या गैर सरकारी, देशी
या विदेशी संस्था से, फण्ड नहीं लेती है, बल्कि यह स्वैछिक संगठन अपने सदस्यों और
समर्थकों द्वारा दिए गए सदस्यता शुल्क, योगदान और दान पर ही निर्भर है. इसी से हम
अपने जांच के लिए यात्रा व्यय, अपनी रिपोर्ट प्रकाशित करने का खर्च, तथा अपने
सभा-सम्मेलनों का खर्च उठाते हैं.
हम आप सभी संवेदनशील नागरिकों से अपील करते हैं कि खुले मन
से हमें आर्थिक सहयोग करें. आप सुविधा अनुसार एक बारगी या सालाना योगदान कर सकते
हैं. 
,
हमने थोड़ी सुविधा के लिए निम्न चार वर्ग बनाये हैं , जिसमे
आप सहयोग करना चाहे। 
1
 एक बार में एक मुश्त  जो भी आप उचित समझे ,
2
 साल में न्यूनतम एक बार सुविधानुसार कभी भी 
3
 यदि सम्भव हो तो माह में एक बार न्यूनतम राशि 
4
 तत्काल में जो आप अभी देना चाहे 
 संघटन   के कोषाध्यक्ष  के रूप में श्री पी जोसी  कार्य कर रहे है  , आप चैक  या राशि सीधे बैंक में जमा कर सकते है .

उनका अकाउंट नंबर और बैंक निम्न है 
A/C 53041026290
 स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया , शाखा  डभरा ,जिला जांजगीर
IFSC COADE  12133
अiपसे  यह भी आग्रह है की जब आप खाते  में कोई  राशि भेजे तो श्री ए पी  जोशी लाखन सिंह या सुधा जी  के फोन पे किसी को एक  एसएमएस जरूर कर दें , ताकि हिसाब मिलाने में आसानी हो सके ,
आग्रह करते हैं 
बहुत बहुत आभार सहित 
डा  लाखन सिंह [अध्यक्ष ] 07773060946  /   सुधा भारद्वाज [महा सचिव ]   09926603877 
एपी जोशी [ कोषाध्यक्ष ] 09425543304                                                                                                   

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