16.03.2018

कांकेर ,भानुप्रतापपुर 

रावघाट : आंदोलनकारीयों की मांग को रेलवे के डीआरएम ने सही माना ,बिना नौकरी के किसी भी प्रकार से रेल नहीं चलने देंगे . ग्रामीण फिर तम्बू तान कर पटरियों पे बैठे . ट्रेन का विरोध कर रहे किसानों को कल 10 दिन से आंदोलन कर रहे पुलिस 233 आंदोलन कारियों को.जबरन रेल पटरी से हटा दिया था और अस्थाई जेल ले गये थे , शाम को छूटने के बाद फिर उसी जगह पर किसान तम्बू गाड़ कर बैठ गए है , उन्होंने पत्रकारों से साफ कह दिया कि जब तक सभी को नोकरी नहीं मिलेगी तब तक किसी भी स्थिति में रेल नहीं चलने देंगे ।विभाग चाहे तो पटरी उखाड़ कर ले जाये., उन्हें नोकरी भी चाहिये और उचित मुआवज़ा भी देना ही होगा ,इसके बिना न तो आंदोलन बंद होगा और न रेल चल पायेगी .

आज रेलवे के ही डीआरएम ने मांगो से सहमति जताई और कहा कि किसानों की मांग जायज है, हमारी चर्चा उपर के अधिकारियों से हो रही हैं
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