• 15.03.2018

बांकीमोंगरा / कोरबा 

 

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज सुराकछार में जनसमस्याओं को लेकर महापंचायत का आयोजन किया गया जिसमे नगरी व ग्रामीण क्षेत्र के गांवों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि शामिल हुए ।

कार्यक्रम के आरम्भ में देश की सीमा व नक्सल हमले के शहीदों ,कोरबा के सड़क हादसे में जान गवाने वाले नागरिको को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी । तत्पश्चात 15 सदस्यीय पंचो का चुनाव कर महापंचायत में जनसमास्याओ के लिए प्रस्ताव माकपा के जिला सचिव सपुरन कुलदीप ने प्रस्तुत किया गया । जिसमे अनाप शनाप बिजली बिल , उद्योगों में अर्जित किसानों की जमीन वापसी , पानी व प्रदूषण की गहराते संकट , कृषि से रोजगार ,आद्योगिक संस्थानों की वादा खिलाफी व रोजगार की समस्या , सड़क दुर्घटना ,काबिज परिवार को जमीन व आवासीय पट्टा , पुनर्वास गांवो में बुनियादी सुविधा , शिक्षको की कमी और संशाधन ,भुविस्थापित व विस्थापन से जुड़ी समस्याओ पर कानूनी व सड़क पर संघर्ष तेज किया जाए ।

प्रस्ताव को उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मत से पारित किया तथा 100 गांवो में इन मांगों के अलावा गांववार समस्याओ के लिए अलग अलग मांगपत्र एवं हस्ताक्षर अभियान चलाकर 12 अप्रैल को बांकीमोंगरा ,बालको, हरदी बाजार ,उरगा से पदयात्रा करते हुए कलेक्ट्रेड का घेराव कर मांगपत्र सौपा जाएगा । तय किया गया है कि इस आंदोलन में 10 हजार से ज्यादा लोंगो की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी

महिलाओ को कामचोर बताने वाले लखनलाल देवांगन और जयसिंह अग्रवाल के बयान पर महापंचायत में निंदा प्रस्ताव लाकर पुतला दहन किया गया.

जनता के बीच बढ़ती आक्रोश और अपनी अपनी निष्क्रियता को छिपाने के लिए महिलाओ के चूड़ियों को सामने रखकर कोरबा और कटघोरा विधायको के द्वारा दी गयी बयानों को महिलाओ के लिए अपमान बताते हुए महा पंचायत में निंदा प्रस्ताव लिया गया और दोनों विधायक द्वय से महिलाओ से माफी मांगने का मांग किया गया । महापंचायत में शामिल महिलाओ ने कहा कि सबसे पहले सोकर उठने और सबसे बाद में सोने वाली महिलाएं घर की सारे कामकाज के अलावे ऐसा कोई क्षेत्र नही है जिसमे वो पुरुषो से कम हो बल्कि आज महिलाओ ने साबित कर दिया है कि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले ज्यादा सक्रिय है । विधयकों का बयान पुरुष सत्तात्मकता और महिलाओ को दोयमदर्जे में रखने की उनकी मानसिकता को दिखाता है । सभा के अंत मे दोनों विधायको के बयान के खिलाफ महिलाओ के द्वारा उनका पुतला भी जलाकर आक्रोश व्यक्त किया गया ।

आज सम्पन्न हुए महापंचायत में 60 से ज्यादा गांव के प्रतिनिधि शामिल हुए । मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा आयोजित इस महापंचायत में छत्तीसगढ़ किसान सभा , अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ,जनवादी नौजवान सभा , भुविस्थापित कल्याण समिति , संघर्षशील भुविस्थापित कॉपरेटिव सोसाइटी , ग्रामीण व शहरी स्व सहायता समूह आदि संगठन के प्रतिनिधि शामिल थे ।

 


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