?? लांग मार्च :महाराष्ट्र किसानों का एतिहासिक लांग मार्च मुम्बई के आज़ाद मैदान पहुचा, सरकार ने चर्चा के लिए कमेटी बनाई ,वो मैदान में जाकर किसानों से बात करेगी .

.

12.03.2018

अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले ,लाल झंडा लिये किसान का रैला 6 मार्च को नासिक से शुरु हुआ किसानों का ऐतिहासिक लांग मार्च कल रात मुम्बई पहुच गया ,वे रातभर चले जिससे की ट्रैफिक जाम ह् हो और मुम्बई में स्कूल जाने वाले छाUत्रों को कोई परेशानी न हो .
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों की इस यात्रा की गंभीरता को समझा हैं और इनसे मैदान में ही मांगो पर चर्चा के लिए एक कमेटी का ऐलान किया है जो धरना स्थल पर ही चर्चा करेगी .

 

किसानों ने पूर्ण ऋमाफी और बिजली बिल माफी के अलावा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की भी मांग रखी है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों से किए गए वादों को पूरा न करके उनके साथ धोखा किया है। बंद हो किसानों की जमीन का अधिग्रहण  – एआईकेएस सचिव राजू देसले ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, “हम लोग राज्य सरकार से चाहते हैं कि वह सुपर हाइवे और बुलेट ट्रेन जैसी विकास परियोजनाओं के नाम पर कृषि योग्य भूमि का जबरन अधिग्रहण बंद करे।  – देसले ने दावा किया कि भाजपा नीत राज्य सरकार द्वारा 34,000 करोड़ रुपये की सशर्त कृषि ऋणमाफी की पिछले साल जून में घोषणा के बाद से अब तक 1,753 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर ‘किसान- विरोधी’ नीति अपनाने का आरोप लगाया। – एआईकेएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धावले, स्थानीय विधायक जे पी गवित और अन्य नेता इस मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं। 

 

मध्य नासिक के सीबीएस चौक पर किसानों की एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए किसानों के नेता ने घोषणा की कि वह अपने मुद्दों के हल की मांग के लिए मुंबई में महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव करेंगे. नासिक से मुंबई की दूरी 180 किलोमीटर है.

दावा किया कि बीजेपी सरकार द्वारा 34,000 करोड़ रुपये की सशर्त कृषि ऋणमाफी की घोषणा के बाद से अब तक 1,753 किसान आत्महत्या कर चुके हैं. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर‘ किसान- विरोधी’ नीति अपनाने का आरोप लगाया.

***

 

फैज़ अहमद फैज़ 

हम मेहनतकश जगवालों से, जब अपना हिस्सा मांगेंगे
इक खेत नही, इक देश नही, हम सारी दुनिया मांगेंगे !
यहां सागर सागर मोती है, यहां परबत परबत हीरे है
ये सारा माल हमारा है, हम सारा खजाना मांगेंगे !
दौलत की अंधेरी रातों ने मेहनत का सूरज छुपा लिया
दौलत की अंधेरी रातों से हम अपना सवेरा मांगेंगे !
ये सेठ वेपारी रजवाडे, दस लाख तो हम दस लाख करोड

 


ये कितने दिन अमरिका से, जीने का सहारा मांगेंगे !
जो खून बहा जो बाग उजडे, जो गीत दिलों मे कत्ल हुए
हर कतरे का हर गुंचे का, हर गीत का बदला मांगेंगे !
जब सफ सीधी हो जायेगी, जब सब झगडे मिट जायेंगे
हम हर एक देश के झंडे पर, एक लाल सितारा मांगेंगे !

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

 

Leave a Reply

You may have missed