तीस्ता सीतलवाड़ का कार्यक्रम रद्द करना औरउन्हें चन्द्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि देने सेरोकना शर्मनाक – पी.यू.सी.एल.

तीस्ता सीतलवाड़ का कार्यक्रम रद्द करना औरउन्हें चन्द्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि देने सेरोकना शर्मनाक – पी.यू.सी.एल.

तीस्ता सीतलवाड़ का कार्यक्रम रद्द करना औरउन्हें चन्द्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि देने सेरोकना शर्मनाक – पी.यू.सी.एल.

नई दिल्ली,

1 मार्च। बनारस में विगत 27 फरवरी कोमानवाथिकार कार्यकर्ता और पत्रकार तीस्तासीतलवाड़ की कार्यशाला को एबीवीपी के दबाव मेंपुलिस प्रशासन द्वारा रद्द किये जाने की पीयूसीएलकड़े शब्दों में निन्दा करता हैं। पुलिस प्रशासन ने नकेवल पत्रकारिता पर होने वाली उनकी एकदिवसीय कार्यशाला को अचानक रद्द कर दियाबल्कि उनके साथ धक्का-मुक्की कर उन्हें चन्द्रशेखरआजाद की प्रतिमा पर जाकर श्रद्धांजलि देने से भी रोक दिया।

 यह उत्तर प्रदेश में बढ़ते मानवाथिकाहनन की एक और घटना है। हम इसकी निन्दा करतेहैं.

27 फरवरी को चन्द्रशेखर आजाद की शहादतदिवस पर बनारस के काशी विद्यापीठ में “सोशलमीडिया और पत्रकारिता” विषय पर एक दिन कीकार्यशाला का आयोजन किया गया था, जिसकीपूर्व अनुमति भी प्रशासन से ली जा चुका थी।लेकिन एक दिन पहले 26फरवरी को तीस्तासीतलवाड़ की पुस्तक “संविधान के सिपाही” केलोकार्पण कार्यक्रम के बाद एबीवीपी ने उनकाविरोध करना शुरू कर दिया। उनके दबाव में आकरपुलिस प्रशासन ने 27 फरवरी को कार्यक्रम कीअनुमति रद्द कर दी। कार्यशाला में भागीदारी करनेके लिए छात्र भी बड़ी संख्या में काशी विद्यापीठपहुंच चुके थे। एबीवीपी वालों की संख्या बहुत कमथी, लेकिन पुलिस ने उनका साथ दिया और तीस्तासीतलवाड़ को अन्दर जाने से रोक दिया। तीस्तासीतलवाड़ ने जब परिसर में मौजूद चन्द्रशेखरआजाद की प्रतिमा पर जाकर श्रद्धांजलि देनी चाहीतो पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की औरअन्दर जाने से रोक दिया।

पुलिस और बनारस प्रशासन द्वारा की गयी उपरोक्तकार्यवाइयां अलोकतान्त्रिक और निन्दनीय है।पिछले कई महीनों से उत्तर प्रदेश में यह देखा जारहा है कि उत्तर प्रदेश का प्रशासन तमाम हिन्दूवादीसंगठनों के दबाव में उनके मन मुताबिक कार्यवाईकर रहा है, और विभिन्न जनसंगठनों औरसामाजिक कार्यकर्ताओ को कार्यक्रम आयोजितकरने से या तो रोक रहा है, या बाधा डाल रहा है।प्रदेश के कई शहरों में इस तरीके की घटनायें सामनेआ रही हैं, जबकि हिन्दूवादी संगठनों को हर तरहके साम्प्रदायिक कार्यक्रम करने की भी खुली छूटमिली हुई है। लोगों को जनवादी तरीके सेसामाजिक कार्यक्रम करने से रोकना उन्हें मिलेसंवैधानिक अधिकारों का हनन है। हम उत्तर प्रदेशकी पुलिस प्रशासन की ऐसी सभी कार्यवाइयों कीनिंदा करते हैं।

बनारस में तीस्ता सीतलवाड़ की कार्यशाला कोबिना किसी वाजिब कारण के सिर्फ एबीवीपी केदबाव में रद्द करना बेहद आपत्तिजनक है। पुलिसको चाहिए था कि वह तीस्ता सीतलवाड़ कीकार्यशाला को आयोजित होने देने के लिए एबीवीपीको रोकती और उनके खिलाफ कार्यवाई करती,लेकिन पुलिस प्रशासन ने उल्टी कार्यवाई की।

हम बनारस की घटना की कड़े शब्दों में निन्दा करतेहुए ऐसा आदेश देने वाले अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाई करने की मांग करतेहैं। साथ ही उत्तर प्रदेश की सरकार से यह अपीलकरते हैं कि वह राज्य में बढ़ रहे अलोकतान्त्रिकमाहौल को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाये।

रवि किरन जैन, अध्यक्ष पीयूसीएल( राष्ट्रीय)
वी.सुरेश, महासचिव पीयूसीएल(राष्ट्रीय)

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