शासन प्रशासन की संवेदनहीनता के चलते न्यायालय के द्वार तक अनशनकारियों की  पदयात्रा 7 फ़रवरी को.: छत्तीसगढ़ किसान महासंघ .

शासन प्रशासन की संवेदनहीनता के चलते न्यायालय के द्वार तक अनशनकारियों की  पदयात्रा 7 फ़रवरी को.: छत्तीसगढ़ किसान महासंघ .


6.02.2018  / महासमुंद 

 

किसानों की आजीविका से जुड़ी प्रमुख माँगों एवं सरकार की वायदा खिलाफी के विरोध में महासमुंद के कचहरी चौक में पिछले 27 जनवरी से छत्तीसगढ़ किसान महासंघ के बैनर तले पांच किसान राधेश्याम शर्मा, जागेश्वर चंद्राकर, गजेंद्र कोसले, कौशल देवांगन और तिलक साहू अनसनरत हैं परंतु छत्तीसगढ़ सरकार अभी तक संवेदनहीन बने हुए है।

शासन प्रशासन की संवेदनहीनता से छुब्ध होकर अनसनकारी किसान बिलासपुर उच्च न्यायालय तक अपनी बात पहुंचाने 7 फरवरी को महासमुंद से पदयात्रा करेंगे। बात स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार किसानों के ऊपज का लागत मूल्य किसान निर्धारित करें जिस पर 50% लाभकारी मूल्य जोड़कर समर्थन मूल्य में 12 माह धान खरीदी हो तथा महंगाई के अनुरूप 10प्रतिशतहर वर्ष वृद्धि और यह कानूनी रूप मिले साथ ही किसानों को कर्ज मुक्त किया जाए लंबे समय से शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए सत्याग्रह अनशन जारी रखते हुए शासन प्रशासन के साथ ही जनता को उसका हक दिलवाने आज 2:00 बजे से पैदल यात्रा करते हुए बिलासपुर उच्च न्यायालय के चौखट तक पहुंचेंगे यात्रा के हर 15:20 किलोमीटर पर पड़ाव डाला जाएगा जहां साथ चल रहे किसानों के लिए लंगर भंडारा का व्यवस्था होगा गांव गांव में रास्ते पर पड़ने वाली जगहों पर छोटी बड़ी सभाएं करते हुए बिमचा परसदा कौंदकेरा तुम गांव पटेवा झलप पिथौरा साकरा बसना सिंघनपुर सरायपाली सारंगढ़ बिलाईगढ़ शिवरीनारायण होते हुए उच्च न्यायालय पहुंचेंगे .

11 वें दिन सत्याग्रह स्थल में समर्थन देने पहुंचे राष्ट्रीय किसान समन्वय समिति के पारसनाथ साहू रामगुलाम ठाकुर, ममता शर्मा, तेजराम विद्रोही, ललित कुमार साहू ने इन महान किसान आत्माओं के पद यात्रा को सफल बनाने अधिक से अधिक संख्या में महासमुंद पहुंचने की अपील किया है
तेजराम विद्रोही
संचालक मंडल सदस्य
छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ

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