कोयले के कालेपन के बीच मन को रखें स्वच्छ : रवि श्रीवास्तव : *शिक्षा और वर्तमान चुनौतियां विषय पर , जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा का आयोजन.

 


रााागढ :, 4.01.2018

निबंध प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण संपन्न

जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा के संयोजन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जननायक रामकुमार अग्रवाल की 94 वी जयंती के अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों के लिए आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागी छात्र छात्राओं को पुरस्कार वितरण व संगोष्ठी का आयोजन नटवर स्कूल सभागार में किया गया.

जिसमें शिक्षा एवं वर्तमान चुनौतियांविषय पर मुख्य वक्ता के रूप में छत्तीसगढ़ हिंदी साहित्य सम्मेलन के महासचिव भिलाई से रवि श्रीवास्तव का उद्बोधन रखा गया । इस अवसर पर रायगढ़ के प्रतिष्ठित साहित्यकार शिवशरण पांडे,  शिवकुमार पांडेय, हरिबंधु विशाल , वासुदेव शर्मा , डॉ राजू अग्रवाल सेवानिवृत्त प्राचार्य पी.एस.खोडियार  , साहित्यसेवी रचनाधर्मी रमेश शर्मा

रामगोपाल शुक्ल, श्यामनारायण श्रीवास्तव ,कमल बोहिदार , सर्वेश्वर गुप्ता , प्राचार्या सरला साहा , जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा के कामरेड गणेश कछवाहा , नीलकंठ साव , गणेश मिश्रा रोहित मिश्रा ,साहित्यिक संयोजक महावीर अग्रवाल , प्रेमजी फाउंडेशन के गौरी शर्मा व्याख्याता (प.) प्रवक्ता भोजराम पटेल एवं नेतराम साहू सहित विभिन्न विद्यालय के प्राचार्य शिक्षक एवं छात्र- छात्राओं की सहभागिता रही ।

कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य वक्ता रवि श्रीवास्तव संघर्ष मोर्चा की ओर से साल एवं श्रीफल देकर अभिनंदन किया गया एवं उनके सम्मान पत्र का वाचन भोजराम पटेल द्वारा किया गया कार्यक्रम का संचालन करते हुए साहित्यकार व्याख्याता रमेश शर्मा द्वारा प्रतिभागी छात्र छात्राओं को शिक्षा एवं वर्तमान चुनौतियां विषय पर अपना मंतव्य देने हेतु बुलाया गया तत्पश्चात मुख्य वक्ता रवि श्रीवास्तव को विचार अभिव्यक्ति हेतु आमंत्रित किया गया ।

 

शिक्षा एवं वर्तमान चुनौतियां विषय पर अपने वक्तव्य की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि रायगढ़ वाले धन्यवाद के पात्र हैं कि वह अपने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के यादों को संजो कर रखें हैं और अपने भीतर संघर्ष की जज्बा को जीवित रखें हैं श्रीवास्तव जी ने कहा कि मोर्चा का होना ही हमारी जीवंतता का प्रतीक है ।श्रीवास्तव जी ने आगे कहा कि शिक्षा की बहुत सारी चुनौतियां हैं  हम अपने बच्चों को महंगे स्कूल , ऊंची सुविधा सभी प्रकार की व्यवस्था देकर शिक्षा दिलाते हैं इसके बावजूद एक सच्चे और अच्छे इंसान बनाने में सफल नहीं हो रहे हैं ।

उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर आज चुनौतियां है स्कूल भवनों पर हो रहे बेजा कब्जा  चुनौतियां हैं स्कूल भवनों की जर्जर हालत है शिक्षकों की कमी है इस परिस्थिति में हमें शिक्षा को आगे बढ़ाना है चुनौतियों से जूझना होगा अगर हमारे बच्चों को सही माहौल और सुरक्षित परिवेश उपलब्ध नहीं होगा तो शिक्षा और संस्कार कैसे मिलेंगे तमाम विषमता और अभावों के बावजूद हमें अपने भीतर की शिक्षा जागरुकता को बनाए रखना होगा और हमें अपने पुराने शिक्षा परंपरा उपलब्धियों को याद करना होगा श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा इतिहास इस बात का साक्षी है कि विषमता के बावजूद हमारे पूर्वजों ने अपनी प्रतिभा के दम पर उपलब्धियां हासिल थी और आज का विद्यार्थी अपने समय को मोबाइल और इंटरनेट पर गवा रहे हैं यह भी एक चुनौती है  ।श्रीवास्तव जी ने कहा कि हम अपने आदर्श स्थापित करने में असफल हो रहे हैं । शिक्षा के क्षेत्र में कट्टरपंथ को रोकने तथा अध्यात्म और विज्ञान के सामंजस्य को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी अपना मंतव्य दिया छत्तीसगढ़ की विभूतियों में पंडित सुंदरलाल शर्मा , पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी  से लेकर छायावाद के प्रवर्तक मुकुटधर पांडे और वर्तमान के रचनाकार जनकवि स्व. आनंदिसहय शुक्ल तक  की रचनायात्रा को उन्होंने रेखांकित किया रचनाकारों के जीवन संघर्ष को प्रेरक बताते हुए श्रीवास्तव ने कहा कि अपने विरासत को सम्हालना भी हमारे सामने एक चुनौती है शिक्षा की चुनौतियों के बीच स्वयं को स्थापित रखने के लिए ने उन्होंने कहा कि कोयले के कालेपन को होने दीजिए अपने दिल को साफ रखें स्थिति अपने आप सुधर जाएगी अंत में विश्वास ने अपनी चुनिंदे कविताओं को सुना कर सामयिक विषयों पर विचार व्यक्त किया ।

समापन अवसर पर  समस्त उपस्थित प्रबुद्ध जनों का संघर्ष मोर्चा के सचिव वासुदेव शर्मा की ओर से आभार प्रकट किया गया ।

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