बारनवापारा अभियारण : अनिश्चित कालीन धरने का सातवां दिन : पूरे छतीसगढ़ से जनसंगठन के लोग पहुंच रहे हैं.

बारनवापारा अभयारण्य   29/1/2018

आज धरने के सातवाँ दिन अनिश्चित कालीन धरना जनता की आवाज को किस तरह कुचला जा रहा है चीख चीख कर जनता कह रही है राजकुमार व उनके परिवारो के साथ अन्याय हुवा है हमे न्याय दो एक तरफ हमारी सरकार आदिवासी की सरकार कह कर व वहीँ लुटती है दूसरी तरफ आदिवासी पीटा जा रहे है आदिवासी बे घर हो रहे है आदिवासी की जमीन छिनी जा रही है आदिवासी पलायन हो रहे है आदिवासी के बच्चे शिक्षा से वंचित है .

 

आदिवसी सरकारी योजनाओं से वंचित है आदिवासी के ऊपर बे बुनियाद धारा लगा कर जेल भेजा जा रहे है जल जंगल जमीन से वंचित किया जा रहा है उनके मानव अधिकारों का हनन हो रहा है राजकुमार की बीबी बच्चे मा रोते बिलखते न्याय की गुहार लगा रही है वन विभाग के रेंजर संजय रौतिया और उनके वन कर्मी अपराधी खुले आम घूम रहे है सरकार का इस दोहरी नीति का पर्दाफाश करते हुये जन संघर्ष समिति बार अभ्यारण के अध्यक्ष अमरध्वज यादव ने कहा की बहुत साहा है अब न सहेंगे आपना अधिकार ले के रहेंगे अपराधी संजय रौतिया व उनके सहयोगी वन कर्मी को अन्दर करा के रहेंगे अब यह लड़ाई सिर्फ बार क्षेत्र की नही ये पूरे छत्तीसगढ़ की हो गई है वनवासीअपने सम्मान के लड़ाई लड़ने के लिए कमर कस कर मैदान पे उत्तर गए है अब पीछे नही हटेंगे .

 

हमारे इस न्याय संगत की लड़ाई में कंधे से कंधे मिलाकर कल दिनांक 30 जनवरी 2018 को संघर्ष को और गतिशील बनाने के लिए बस्तर से माननीय पूर्व सांसद सोहन पोटाई जी छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के संयोजक माननीय रामगुलाम ठाकुर जी राजनांदगांव के जिला किसान नेता सुधेष टेकाम पूर्व विधायक बालोद क्षेत्र से जनक लाल ठाकुर जी छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन से आलोक शुक्ला जी आपने साथियो के साथ इस संघर्ष को समर्थन देने बया पहुच रहे है

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देवेंद्र
दलित आदिवासी मंच
अमर ध्वज यादव
जन संघर्ष समिति बार क्षेत्र

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