? प्रताप ठाकुर के अवदान पर किताब प्रकाशित होगी : प्रलेस और जलेस बिलासपुर में दी गई श्रधांजलि .

 

28.01.2018 , बिलासपुर .

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प्रताप ठाकुर की रचनाओं और उनके समग्र योगदान पर एक किताब प्रकाशित की जाएगी। प्रताप के साथियों ने उन्हें याद करते हुए यह तय किया और विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। बहुत अच्छे फोटोग्राफर और साहित्य की दुनिया से जुड़े प्रताप ठाकुर का 18 जनवरी को निधन हो गया।

प्रगतिशील लेखक संघ और जनवादी लेखक संघ बिलासपुर ने कल एक स्मृति सभा आयोजित की। नेहरू चौक स्थित ईवनिंग टाइम्स सभागार में आयोजित इस सभा में सभी ने प्रताप ठाकुर से जुड़ी यादें साझा की। वे सबके बहुत अज़ीज़ थे। नंद कश्यप ने कहा कि उनकी कविताओं और फोटो आदि को संकलित कर एक किताब निकली जानी चाहिए। सभी ने इस पर सहमति व्यक्त की। वहीं अतुल जैन ने प्रताप ठाकुर के एक अलग ही व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और यह कहते हुए भावुक हो गए कि आज जिस तरह मेरी समझ विकसित हुई है वह प्रताप भैया के कारण ही है। इसी तरह की बात अतुल खरे ने भी कही। बल्लू दुबे ने उनके साथ पुरानी गतिविधियों को याद किया।

नन्द कश्यप ने कहा कि प्रताप के लेख और उनके कामो को लेकर एक किताब निकालनी चाहिये जिस पर सबने सहमति दी , वहीं नरेश अग्रवाल ने याद किया कि किस तरह ट्रेड यूनियन व अन्य आंदोलनों में साथ रहे। रफीक़ ख़ान की साहित्यिक मित्रता और निजता को सभी जानते हैं, वे बहुत भावुक हो गए और कुछ कह नहीं पाए। रामकुमार तिवारी, नथमल शर्मा, मंगला देवरस, शाकिर अली, सत्यभामा अवस्थी, नमिता घोष, सविता प्रथमेश, प्रथमेश मिश्रा, चन्द्र प्रकाश ,बाजपेई व ऊषा बाजपेयी ने भी प्रताप ठाकुर से जुड़ी अनेक बातें बताई। और डबडबाई आंखों से बहुत कुछ कहा। प्रताप के पुत्र प्रॉमीथ्यूस ठाकुर ने कहा कि उनके पिता ने हर तरह का समय देखा। बहुत संघर्ष किया। हमें विचार और पढ़ने की तमीज़ दी साथ ही दोस्तों का विशाल संसार छोड़ गए जो हमारे परिवार के ही हिस्से की तरह है। इस सभा में साहित्यकार साथी दूधनाथ सिंह, गीता शर्मा, राजकुमार सैनी को भी याद करते हुए अंत में दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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