मैं चंद्रशेखर से मिला. उन्होंने मुझसे कहा है कि उनकी जान खतरे में हैं और भाजपा सरकार उनको जेल में मरवाना चाहती है. / चंद्रशेखर पर रासुका की अवधि तीन महीने और बढ़ाई गई.

  • चंद्रशेखर पर रासुका की अवधि तीन महीने और बढ़ाई गई.

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर. फोटो: फेसबुक से

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर. (फोटो साभार: फेसबुक)

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पिछले साल हुई जातीय हिंसा के बाद भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (रासुका) को तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया गया. 23 जनवरी को जारी उत्तर प्रदेश सरकार के उपसचिव (गृह) विजय शंकर पांडेय द्वारा एक आदेश में कहा गया है कि चंद्रशेखर पर रासुका दोबारा लगा दिया गया है.

आदेश पत्र में कहा गया है कि मुज़फ़्फ़रनगर के ज़िला मजिस्ट्रेट द्वारा लगाई गए राष्ट्र सुरक्षा कानून, 1980 की धारा 12(1) को दोबारा लागू कर दिया गया जो अब 6 महीने की है. अब उन लागू रासूका 2 नवंबर, 2017 से लागू माना जाएगा.

मई 2017 को सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में दलित और ठाकुर समुदाय के बीच जातीय हिंसा हुई थी. घटना के बाद चंद्रशेखर का नाम सामने आया था, जो कि भीम आर्मी के संस्थापक हैं. पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ कई धाराओं के तहत मुक़दमा दर्ज किया था. उसके बाद वह भूमिगत हो गए थे. कुछ महीने बाद उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने हिमाचल प्रदेश से उन्हें गिरफ़्तार किया था.

दो नवंबर, 2017 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चंद्रशेखर उर्फ रावण को जमानत दे दी थी. लेकिन उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने रासुका लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था.

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980 के तहत किसी व्यक्ति को पहले तीन महीने के लिए गिरफ्तार किया जा सकता है. फिर आवश्यकतानुसार तीन-तीन महीने के लिए गिरफ्तारी की अवधि बढ़ाई जा सकती है. एक बार में तीन महीने से अधिक की अवधि नहीं बढ़ाई जा सकती है.

भीम आर्मी डिफेंस कमेटी के संयोजक और जेएनयू के छात्रनेता प्रदीप नरवाल ने द वायर से बात करते हुए कहा, ‘उत्तर प्रदेश सरकार चंद्रशेखर से डरी हुई है और नहीं चाहती कि प्रदेश में कोई भी दलित नेतृत्व खड़ा हो. सभी 27 मामलों में जमानत मिलने के बाद भी जेल में बंद रखना सरकार का डर दिखाता है कि अगर दलित आगे बढ़ेंगे, तो वे मनुवादी व्यवस्था पर सवाल उठाएंगे.’

उत्तर प्रदेश सरकार के गृह उप सचिव विजय शंकर पांडेय द्वारा जारी आदेश

उत्तर प्रदेश सरकार के उपसचिव (गृह) विजय शंकर पांडेय द्वारा जारी आदेश पत्र.

नरवाल सहारनपुर की जेल में बंद चंद्रशेखर से मिलने पहुंचे थे. उन्होंने कहा, ‘मैं चंद्रशेखर से मिला. उन्होंने मुझसे कहा है कि उनकी जान खतरे में हैं और भाजपा सरकार उनको जेल में मरवाना चाहती है. उन्होंने कहा है कि उनकी फिक्र किए बिना भीम आर्मी को पूरे देश में मजबूत किया जाए.’

भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए नरवाल ने कहा, ‘हम दलित हैं और जब-जब दलितों ने अपने अधिकार के लिए लड़ाई लड़ी, तब-तब मनुवादी सरकारों ने उसे उत्पात का नाम दिया और ऐसा दिखाया कि यह लोग देश तोड़ रहे हैं. आत्मरक्षा करना संवैधानिक अधिकार है और इसके लिए अगर जेल में डाला जाएगा, तो भारत के लोकतंत्र पर सवाल खड़ा हो जाएगा. अगर आज के दौर में बाबा साहेब आंबेडकर दलितों के लिए लड़ते तो उन पर भी भाजपा सरकार रासुका लगा देती.

भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मंजीत सिंह नौटियाल ने सरकार के फैसले पर दुःख जताते हुए कहा, ‘मैं जानता हूं देश में संविधान है लेकिन उसके खिलाफ सरकार काम कर रही है. हम अधिकारियों से पूछते हैं कि रासुका क्यों लगा है जबकि चंद्रशेखर पर लगे सभी 27 मामलों में उन्हें अदालत से जमानत मिल चुकी हैं. इस पर वे कहते हैं कि सरकार का दबाव है. मैं जानना चाहता हूं कि संविधान बड़ा है या योगी आदित्यनाथ? हम चंद्रशेखर के लिए देशव्यापी आंदोलन का जल्द ऐलान करेंगे और जरूरत पड़े तो दिल्ली के संसद का भी घेराव करेंगे.’

CG Basket

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

कविता: ‘गढ़ना चाहती हूं रीति-रिवाजों से अलग प्रेम की नई परिभाषा’ / सांत्वना श्रीकांत की दो कविताएं

Sat Jan 27 , 2018
Share on Facebook Tweet it Share on Google Pin it Share it Email   * सांत्वना श्रीकांत की दो कविताएं […]