17.01.2018

सामाजिक कार्यकर्ता बेला भाटिया पर पुलिस नियंत्रित संघठन के लोगो द्वारा जनवरी में परपा स्थित घर पर हमला किया गया था , हमले मे शामिल लोगों के नाम और गाडी नंबर सहित पुलिस को अपनी रिपोर्ट मे दिये थे ,जिसमें बाबू बोराई ,राज टकलू ,रोहित ,विशाल आदि के नाम तथा फोटोग्राफ तक पुलिस को दिये थे ,लेकिन क्लोजर रिपोर्ट में यह सब गायब कर दिये है ।

बेला भाटिया कल खुद कोर्ट पहुंची और अपना बयान दर्ज करवाया और आवेदन दिया कि पुलिस की खात्मा रिपोर्ट को अस्वीकृत कर दिया जाए क्योंकि इसमें जो भी तथ्य मेरे द्वारा दिये गये उन्हें भी हटा दिया गया है।यह सारे आरोपियों पुलिस के ही सरंक्षण मे हमला किया और उन्हे सभी जानते है कि यह लोग मानव अधिकार कार्यकर्ताओ पर हमले करते रहे है।

पुलिस ने अपनी खात्मा रिपोर्ट में लिखा है कि वो उस सफेद कार को नहीं खोज पाई जबकि मेने उन्हें कार का नम्बर तक दिया था ,पुलिस उन लोगों को नही खोज पाई जो रोज उनके ऑफिस में ही बैठे रहते हैं ।
खात्मा रिपोर्ट जमा करने के पहले सरकारी वकील से परामर्श करना था जो भी नहीं किया गया .

बेला भाटिया ने कोर्ट परिसर मे पत्रकारों से कहा की वह अपेक्षा करती हैं की अपराधियों के खिलाफ कडी कार्यवाही की जाए एसा बहुत कम होता हैं जब पीडित अपराधियों के खिलाफ मजबूत सबूतों को जमा कराये
और पुलिस उसे नजरअंदाज करके अपराधियों को ही बचाने पर आमदा हो.
बेला ने अंत मे कहा कि यदि यह कोर्ट इस खात्मा रिपोर्ट को स्वीकार कर लेता हैं तो वे हाईकोर्ट जाने को मजबूर होंगी.
***