पत्रकार तो पत्रकार होता हैं , उसे आदिवासी गैर आदिवासी में कैसे बांटा जा सकता है : आपकी आपत्ति सरमाथे .

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16.01.2018

आज मेरे मित्र ने फोन किया की उनके किन्ही पत्रकार मित्र ने सीजी बास्केट की एक पोस्ट पर आपत्ति की जिसमे लिंगराम कोडपी को आदिवासी पत्रकार लिखा गया हैं, उन्होंने कहा कि पत्रकार तो पत्रकार होता है उन्हें खानों मे बांटना उचित नहीं हैं.
मुझे लगा बात सोलह आने सही हैं .और मेनें उस पोस्ट को सुधार तो दिया ही ,भविष्य में यह न हो पाये इसका खयाल भी रखेंगे ही.
इसका अपना कोई स्पष्टीकरण नहीं है जो गलत हैं वो गलत ही कहा जायेगा.
बस इतनी खुशी है कि कोई तो लोग हैं जो सीजी बास्केट को गम्भीरता से पढ़ते ह्
हैं .
बहुत बहुत बहुत आभार उन मित्र का जिन्होंने टिप्पणी को और इन मित्र का जिन्होंने मुझ तक कनवे किया .

सीजी बास्केट समूह

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