पुलिस के डर से भाग रहा था बच्चा, जवान ने गोली मारी’ : बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करका के जंगल में

Tue, 09 Jan 2018

नईदुनिया

महारानी अस्पताल में भर्ती बालक फिलहाल खतरे से बाहर बताया गया है। वहीं पुलिस वार्ड में उसकी सेवा सुश्रुषा भी कर रही है।

जगदलपुर। बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करका के जंगल में मवेशी खोजने गए 11 वर्षीय बालक बोटी पिता पांडु के दादा ने आरोप लगाया है कि सीआरपीएफ के जवानों को देखकर डर के चलते भाग रहे बच्चों को जवानों ने गोली चला दी। महारानी अस्पताल में भर्ती बालक फिलहाल खतरे से बाहर बताया गया है। वहीं पुलिस वार्ड में उसकी सेवा सुश्रुषा भी कर रही है।

ज्ञात हो कि रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे ग्राम करका निवासी घायल बालक बोटी राम अपने दो अन्य साथियों के साथ मवेशी खोजने जंगल की ओर गया था। तभी मौके पर सीआरपीएफ के जवान भी सर्चिंग पर निकले थे।

फोर्स को देखकर बालक भयभीत हो गए और वहां से भागने लगे। उन्हें भागते देखकर जवानों ने फायरिंग कर दी। गोली बोटी के कमर से नीचे से आर-पार हो गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना के बाद बोटी का अन्य मित्र सोमारू गायब बताया जा रहा है। बोटी को बीजापुर जिला अस्पताल से रविवार देर शाम यहां भेजा गया है।

उसकी हालत डाक्टरों ने खतरे से बाहर बताई है। सिटी स्केन आदि परीक्षण भी किए गए हैं। इधर स्थानीय पुलिस के द्वारा परिजनों की मदद के लिए जवान तैनात किए गए हैं। अस्पताल में मौजूद घायल बालक के दादा लिंगाराम ने सीआरपीएफ के खिलाफ बिना चेतावनी दिए और हिरासत में लेने की बजाय सीधे गोली मारने का आरोप लगाया है।

बालक के परिजन का यह भी कहना है कि अंदरूनी इलाकों में ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे फोर्स को देखकर भयभीत होकर भागते हैं और पुलिस की गोली के शिकार हो जाते हैं। सुकमा व बीजापुर जिले में पूर्व में भी नागरिकों की हत्या की गई है।

रविवार की घटना में सुरक्षा बल के पास परिस्थिति के अनुसार भाग रहे बच्चों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने का विकल्प था। इसके बावजूद भी सीधे गोली चलाना दुर्भाग्यजनक व असंवेदनशीलता है।

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