NMDC ने बस्तर में थर्मल पॉवर प्लांट लगाने से खींचा हाथ

Tue, 02 Jan 2018 नईदुनिया

इस पूरे प्रोजेक्ट पर खर्च राशि का वहन सीएसईबी और एनएमडीसी दोनों ने आधा-आधा किया है।

विनोद सिंह, जगदलपुर। पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के समय कोल ब्लाक आबंटन में कथित गड़बड़ी का असर सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड पर भी पड़ा है। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में एनएमडीसी को मिले शाहपुर ईस्ट और शाहपुर वेस्ट कोल ब्लाक का आबंटन रद्द किए जाने के बाद कंपनी ने बस्तर में 250 मेगावॉट क्षमता का प्रस्तावित थर्मल पॉवर प्लांट लगाने की योजना बंद कर दी है।

थर्मल पॉवर प्लांट लगाने एनएमडीसी द्वारा साल 2010 में एनएमडीसी पॉवर लिमिटेड के नाम पर अपनी सब्सिडरी कंपनी खड़ी की थी लेकिन पॉवर प्लांट लगाने की योजना खटाई में चले जाने के बाद यह कंपनी कागजों में ही कैद होकर रह गई है।

एनएमडीसी यहां से करीब 17 किलोमीटर दूर नगरनार में 17 हजार करोड़ रूपए की लागत से स्टील प्लांट लगा रहा है। स्टील प्लांट चलानें के लिए करीब दो सौ मेगावॉट बिजली की जरूरत को देखते हुए ही एनएमडीसी ने बस्तर में थर्मल पॉवर प्लांट लगाने की योजना बनाई थी।

पॉवर प्लांट से स्टील प्लांट को बिजली की आपूर्ति करना प्रस्तावित था। इसी उद्देश्य से मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में दो कोल ब्लाक भी कंपनी ने हासिल किए थे। बाद में सभी कोल ब्लाक आबंटन रद्द कर दिए जाने से एनएमडीसी के भी दोनों कोल ब्लाक छिन गए। जिसके बाद कंपनी को थर्मल पॉवर प्लांट लगाने का विचार छोड़ना पड़ा।

स्टील प्लांट के गैस से बनाएंगे बिजली : एनएमडीसी स्टील प्लांट को साल में करीब ढ़ाई सौ मेगावॉट बिजली की जरूरत होगी। थर्मल पॉवर प्लांट लगाने की योजना फेल होने के बाद एनएमडीसी ने स्टील प्लांट से निकलने वाली गैसों से करीब 105 मेगावॉट बिजली के उत्पादन के लिए प्लांट एरिया में ही कैप्टिव पॉवर प्लांट लगाएगा।

बाकी बिजली की जरूरत छग राज्य विद्युत मंडल सीएसईबी से खरीदी जाएगी। इसके लिए एनएमडीसी ने सीएसईबी के साथ 190 मेगावॉट बिजली खरीदनें अनुबंध किया है। अधिकतम बिजली की जरूरत 296 मेगावॉट रखी गई है ताकि आपात स्थिति के लिए बिजली रिजर्व रखी जा सके।
तार खींचने और सब स्टेशन बनाने दिए 356 करोड़
पिछले दिनों बिजली तिहार के दौरान मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने बस्तर और बकावंड ब्लाक की सीमा पर ग्राम भिरलिंगा में जिस विद्युत सब स्टेशन का लोकापर्ण किया था उस प्रोजेक्ट के लिए एनएमडीसी ने भी सरकार को 356 करोड़ दिए हैं।
रायपुर के समीन रायता से भिरलिंगा तक 400 केव्ही की लाइन खींचने और सब स्टेशन के निर्माण पर यह राशि खर्च की गई है। भिरलिंगा से नगरनार स्टील प्लांट तक अलग से 220 केव्हीए की लाइन भी बिछाई गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर खर्च राशि का वहन सीएसईबी और एनएमडीसी दोनों ने आधा-आधा किया है।

स्टील प्लांट से निकलनें वाली गैसों से बिजली बनाई जाएगी। बाकी की जरूरत सीएसईबी से बिजली खरीदकर पूरी की जाएगी। पहले थर्मल पॉवर प्लांट लगाने की योजना पर विचार चल रहा था पर अब ऐसी कोई योजना फिलहाल नहीं है। – प्रशांत दास, अधिशासी निदेशक, स्टील प्लांट प्रोजेक्ट नगरनार

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