4.01.2018
रायपुर

आज छतीसगढ़ के राजधानी रायपुर में भीमा कोरेगांव के घटना के विरोध में धरना – प्रदर्शन आयोजित किया गया ।

वही संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर छतीसगढ़ क्रिश्चन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल जी दुर्ग में आयोजित धरना- प्रदर्शन हेतु दुर्ग जाकर अपने संगठन की ओर से समर्थन दिया।

श्री रामकृष्ण जांगडे अपने संबोधन में उपस्थित जन समुदाय से प्राथना करते हुये कहा कि ,आप सबसे आग्रह है कि आप लोग प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत ही शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें, किसी भी तरह से न तो आक्रोशित हो,और न ही उत्तेजित हो क्योंकि आज मनुवाद अपने चरम पर है और अपने अंतिम दिनों में है । उन्होंने कांशीराम साहब को याद करते हुये कहा कि मान्यवर कांशीराम साहब कहा करते थे कि हम सवर्णो से आमने – सामने के लड़ाई में तो जीत सकते है किंतु सवर्णो की ओर से यदि सरकार लड़ती है तो हम कभी नही जीत पाएंगे । वे हमको समझाया करते थे कि सरकार की ओर से यदि पुलिस , मिलिट्री और पैरा मिलिट्री फोर्सेस लड़ती है तो हम हमेशा हारेंगे इसलिये हम कभी भी बुलेट से कोई भी लड़ाई नही जीत सकते ,बाबा साहब ने हमको बैलेट दिया है और हमारे हाथ मे 100 में 85 बैलेट है (अर्थात 85 वोट है ) हम बैलेट की ताकत से हर युद्ध जीत सकते है तब हमारे हाथ मे पुलिस ,मिलिट्री ,आई बी और तमाम ताकतो को अपने हाथ मे कंट्रोल करेंगेऔर पैरा मिलिट्री फोर्सेस भी होगा और जब हमारे पास यह सब ताकते होंगी तब इस देश का बहुजन असली आजादी और स्वतंत्रता में साँसे ले सकेंगे।

*हम हिंसा से हिंसा को नही जीत सकेंगे*

जांगडे ने कहा कि *हम शदियों से मार खाते रहे है ,और आज भी हम मारे जा रहे है कभी दलित मार खाता है,कभी आदिवासी मारे जाते है,तो कभी पिछडो को मारा जाता है सताया जाता है तो कभी अल्पसंख्यक मुस्लिम,सिक्ख,ईसाई सभी बारी – बारी से मारे जा रहे है ।कोई बात नही आज दुनिया देख रही है और बहुजन संगठित हो रहे है* मनुवादी ताकते अब अपनी अंतिम साँसे ले रहा है ।आज सोसल मीडिया हमारी ताकत बन गई है। लोग जागरूक और संगठित हो रहे है।अब बहुजन समाज से उनके इतिहास ,आज जातीय हिंसा की पीड़ा, संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति के लिये संघर्ष और संविधान की रक्षा के लिये यह समाज जागरूक हो रहा है।अब हमारी आजादी को कोई रोक नही सकता। श्री जांगडे ने आगे कहा कि —

*हमारा हथियार शिक्षा और बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर का दिया एक वोट का अमूल्य ब्रम्हास्र हमारे पास है*

हम एक वोट के हथियारों से ही सारी लड़ाईया जीत सकते है ।

श्री जांगडे ने आगे कहा कि हमारे समाज के रामदास अठावले जैसे मनुवादी चमचे ,सत्ता के दलालों और कुत्तों से सावधान रहिये ,ये हमारे जाति विरादरी के जरूर होते है किन्तु वफादारी मनुवादियो का करते है ।अभी एक हफ्ता नही हुआ है भाजपा के मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने संविधान बदलने की बाते किया और उसका बचाव संसद में रामदास अठावले ने किया । ऐसे लोगों से सावधान रहना होगा इनके पालतू कुत्ते हमारे चारों तरफ मंडरा रहे है ।ये भौकेंगे तो आप पत्थर मत मारिये क्योकि जैसे ही आप पत्थर उठाएंगे तो ये अपने विरादरी के तमाम कुत्तो को इक्कठा करके हम पर हमला करेंगे ।हम जितना उग्र होंगे ये हम पर उतने ही अधिक से अधिक जुल्म और ज्यादती करेंगे और ये वफादार कुत्ते भाजपा के वोट बैंक को मजबूत करने में ताकत लगाएंगे और ये हमारे वोटो को खरीद कर ,जुल्म ज्यादती करके भाजपा की सरकार बनाते रहेंगे ।

इस अपील को आप लोग कमजोरी न समझे क्योंकि हमारे समाज के पूना पैक्ट से पैदा हुये चमचे और वफादार कुत्ते सत्ता के दलाल अपने टिकट के लिये ऐसे ही मौके की तलाश में हमारे चारों तरफ इर्द – गिर्द मंडराते रहते है सामाजिक प्रदर्शनों में किसी भी तरह के हिंसा हुआ और ये लोग दलाली में उतर जायेंगे । समाज के आंदोलन का टिकट से सौदा करेंगे।

आप लोग जो भी इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे है उनसे आग्रह है कि आप लोग ऐसे सामाजिक कार्यकर्ता , नेतृत्व कर्ता, को ही मंच और माइक दीजिये जो समाज को हिंसा के लिये न उकसाये । और इस बात को संचालन कर्ता बार बार वक्ताओं को याद भी कराते रहे ।

*हिंसा से हिंसा को समाप्त करने के आंदोलन के कारण हमारे एक भीम सैनिक चंद्रशेखर आजाद आज जेल में जीवन और मौत से संघर्ष कर रहा है उसे धीरे – धीरे मारा जा रहा है।*
और हमारे ही दलित समाज के सबसे बड़े नेता होने का दम्भ भरने वाले नेता , चंद्रशेखर आजाद के प्रति सहानुभूति रखने के बदले RSS का एजेंट घोषित करते है । ऊना दलित उत्पीड़न के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने वाले जिग्नेश मेवाड़ी को चुनाव में दूसरे लोग समर्थन दे सकते है किन्तु बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के विचारधारा के ठेकेदार पार्टी होने का दावा करने वाले जिग्नेश को हराने के लिये अपने उम्मीदवार खड़े करते है यह जानते हुये कि जिग्नेश जीत रहा है हमको यहाँ 1000- 2000 वोट ही मिलेंगे फिर भी विरोध करने के लिये उम्मीदवार खड़ा करेंगे ।ऐसे विरोध से हम बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के संविधान को नही बचा पाएंगे । *हम बहुजन आंदोलन का विरोध करने के लिये विरोध न करें यही प्रार्थना है । मैं आपके आन्दोलन के तौर – तरीके से असहमत हो सकता हूँ और यही अधिकार आपके पास भी सुरक्षित है कि आप भी हमारे आन्दोलन के तौर- तरीकों से सहमत न हो किन्तु चंद्रशेखर आजाद और जिग्नेश मेवाड़ी जैसे लोगों का हम समर्थन नही कर सकते तो हमको यह अधिकार भी नही है कि हम उनको RSS के एजेंट होने का सर्टिफिकेट थमा दे* समाज सब कुछ देख और समझ रहा है ।अब बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर के विचारो की ठेकेदारी नही चलेगी।

*आज बाबा साहब डॉ अम्बेडकर का आन्दोलन नई अंगड़ाईया ले रहा है —आज भारत मे जय भीम लाल सलाम , इंकलाब जिंदाबाद के नारे बुलंद हो रहा है ।कहा जाता है कि आवश्यकता ही अविष्कार की जननी है ,आज समय की आवश्यकता है कि समाज से नई पीढ़ी के युवा लीडरशीप को * समय *अपने आप तैयार कर रहा है*
और यह भी समय की मांग है कि लोकतंत्र के समर्थक सभी चिंतक, विचारक, राजनैतिक पार्टियों को एक मंच पर आना ही होगा। साथ नही आये तो आपको समाज 200 – 400 वोट पाने की हैसियत में पहुचा देगा आप मजे से राजनीति करते रहिये ।अपने ही लोगों को हराने में आपको आनंद आयेगा । बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के विचारों की ठेकेदारी करना बंद करे अब उसे नई हाथों में जाने दिया जाय । समय परिवर्तन शील है हम भी अपने आप को परिवर्तन करने के लिये तैयार करें ।

श्री रामकृष्ण जांगडे ने बताया कि मैं देर रात तक भीमा कोरेगांव के घटना को सोसल मीडिया में देख रहा था ,बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर के नाती माननीय प्रकाश अम्बेडकर जी NDTV को बताया कि सभा को एक महार जाति ने आयोजित नही किया था ,इस सभा को महाराष्ट्र के SC ST OBC&Minorities समाज के 200 संगठन मिलकर आयोजित किये थे ,ये 200 संगठन मिलकर बहुजन महासंघ बनाये है यह एक जाति का संगठन नही है ।मीडिया इस आयोजन को एक जाति का बता रहा है ।और इस लड़ाई को दलित वर्सेस अदर बोल रही है ।यह लड़ाई बहुजन वर्सेस सवर्ण है ,85 वर्सेस 15 है । यही काम छतीसगढ़ में संयुक्त मोर्चा कर रहा है।

*कि भीमा कोरेगांव के हिंसक* *घटना के विरोध में* *रायपुर और*
*दुर्ग में आयोजित आज के धरना* – *प्रदर्शन को संयुक्त मोर्चा छतीसगढ़ पूर्ण रूप से समर्थन कर रहा है यह लड़ाई हम सबकी लड़ाई है*

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