आईएसआईएस के साथ पश्चिमी देशो के दोस्ती – मोहम्मद ज़ाहिद

आईएसआईएस  के साथ पश्चिमी देशो के दोस्ती 

मोहम्मद ज़ाहिद 

रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन ने कल घोषणा की कि आईएसआईएस को फंडिंग करने वाले चालिस देशों की सूची पूरे प्रमाण के साथ उनके पास है और उसमें जी-20 के 20 देशों में बहुत से देश हैं ।तो यह कौन हैं 20 देश आप खुद देखिए । अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, चीन, फ़्रांस, जर्मनी,भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ़्रीका, कोरिया, तुर्की, युनाइटेड किंगडम, अमरीका और यूरोपीय संघ ।
सवाल वही है कि 40 देशों से आईएसआईएस को पैसे जा रहे हैं और दुनिया के इतने सशक्त तकनीक के बावजूद किसी ने आजतक इस पैसे को रोकने का प्रयास करना तो छोड़िए इसके विरुद्ध एक बयान भी जारी नहीं किया सिवाय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ।कौन है 40 देश ? क्यों दे रहे हैं पैसे आईएसआईएस को ? क्या है उद्देश्य ? किसी के पास इस बात का जवाब नहीं होगा पर जानते सब हैं ।
फ्रांस के पेरिस में आतंकवादी घटना निंदनीय है पर कोई बताएगा कि फ्राँस किस अधिकार से सीरिया पर हमला कर रहा है ? किस बिकाऊ संयुक्त राष्ट्र संघ ने उसे अधिकार दिया है कि वह अगले दिन से सीरिया पर आक्रमण करके हजारो को मारे ? कौन सा रिजोल्यूशन पास हुआ कि सीरिया पर आक्रमण किया जाए ? कौन सा नियम है जिसके तहत फ्रांस सीरिया पर ताबड़तोड़ हवाई हमले कर रहा है ? कुछ नहीं पास हुआ और कोई नियम नहीं है बल्कि यह सरासर गुंडई है ठीक वैसे ही जैसे इराक में संयुक्त राष्ट्र संघ की जांच और क्लीनचिट पाने के बाद भी पूरी दुनिया की अपील नकार कर इराक पर अमेरिका ने आक्रामण करके बर्बाद कर दिया ।यह है वह दोगलापन जो पश्चिमी देश मिलकर करते हैं और जब उनके हित सामने आते हैं तो उनके लिए कोई नियम कोई संयुक्तराष्ट्र संघ कोई सुरक्षा परिषद मायने नहीं रखते बल्कि गब्बर सिंह की तरह मौका देख करआक्रमण कर देते हैं तो क्या अंतर है आईएसआईएस और इन पश्चिमी देशों में ? आईएसआईएस भी तो यही करता है ? या ये कहो कि तुम्हारा खून खून है और दूसरों का पानी और तुम सब आईएसआईएस से भी अधिक खतरनाक हो खूँखार हो ।आखिरकार पूरी दुनिया क्युँ नहीं दिखा रही सीरिया में हो रही इस तबाही को जो पश्चिमी देश मिलकर कर रहे हैं ? क्या हो गया उनकी निष्पक्षता को ? कहाँ गई उनकी संवेदनशीलता ? कहाँ हैं खुदाई दौलत पाने वाले ऐय्याश इस्लामिक देश ? क्यों नहीं दिखती उन्हें बच्चों की यह लाशें ? क्यों नहीं यह तस्वीरें अब मीडिया में प्रचारित होतीं ? आईएसआईएस की दो चार हत्याओं के फोटो और वीडियोको 24×7 दिखाने वाली भाड़ मीडिया को सीरिया में लाखों लोगों के मरने की सच्चाई क्युँ नहीं दिखाई देती ? क्युँ नहीं 24×7 दिखाते यह तस्वीरें ? फ्रांस के 122 लोगों की मौत पर दुनियाभर के मुसलमानों को आईएसआईएस की निंदा ना करने का उलहना देने वाले मिश्रित प्रजाति के दोगले बराक ओबामा ? क्युँ नहीं आलोचना करते इस नरसंहार का ? क्युँ चुप हो ? बहरे हो गये या अंधे जो बच्चों की चीखें और लाशें दिखाई नहीं देती ? बोलो कैसे करें मुसलमान आईएसआईएस की आलोचना ? जैसे कहो करेंगे आलोचना पर क्या तुम्हारे कहे तरीके से आलोचना करने पर यह जो तुम खून बहा रहे हो वह बंद हो जाएगा ? दे सकते हो गारंटी ? तुम्हारी औकात भी नहीं की दे सको क्युँकि अमेरिका के राष्ट्रपति का बाप इजराइल में बैठा है जो कहेगा कि तुम काटो तो काटते हो वो बोलेगा कि भौंको तो भौंकते हो वह बोलता है कि तलवे चाटो तो चाटते हो और ऐसा नहीं करोगे तो अमेरिका की नस नस मे घुस गये यहूदी तुम्हें तुम्हारी औकात दिखा देंगे।
हकीक़त यह है कि जितना गलत आईएसआईएस है उससे लाख गुना गलत तुम सब पश्चिमी देश हो और इसी दोगलेपन का फायदा उठाकर आईएसआईएस लोगों को अपनी ओर आकर्षित कररहा है ।बंद करो भाषणबाजी देना कि मुसलमान आलोचना नहीं करते क्योंकि हकीक़त यह है कि तुम कुछ नहीं करते ।आईएसआईएस किसी आलोचना से नहीं बल्कि उनको मारनेसे समाप्त होंगे और तुम अपनी पैदा की औलाद को मारोगे नहीं बल्कि नौटंकी और ध्यान हटाने की बयानबाजी करोगे और वही कर रहे हो।देखो तस्वीरें इन बच्चों कीलाशों को जिनमें किसी बेगुनाह माँ बाप की मालिया और नताशा भी हैं ।दोगलापन देखिए पूरी दुनिया इस बर्बरता पर चुप है जो 122 लोगों के मरने पर आंसुओं का समुद्र बहा रहे थे । दोगले लोग।

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