आप किताबों से बिल्कुल उसी तरह दोस्ती करें जैसे किसी मनुष्य के साथ करते हैं. किताबें आपको अंधेरे में दोस्त की तरह प्रकाश फ़ैलाने का काम करती हैं् / ईमलीभाठा बिलासपुर में वाचनालय का शुभारंभ .

25.12.2017

“टी.वी. और इंटरनेट के युग में भी बच्चे पढ़ने में रुचि दिखा रहे हैं यह सचमुच प्रशंसनीय है.”आंदोलन आओ पढ़ें…पढ़ाएं के बैनर तले आज निकटस्थ ईमलीभाठा में वाचनालय के शुभारंभ के अवसर पर समाज के वरिष्ठ नागरिक श्री हरदेवदत्त मिश्र ने अपने उदबोधन में कही.आपने कहा कि अनुभव यही कहता है कि पढ़ना एक निरंतर प्रक्रिया है जिसे जितना अधिक अभ्यास किया जाएगा उतना ही आनंद प्राप्त होगा.
शहर के ही कुछ जागरुक लोगों के समूह ने “आंदोलन आओ पढ़ें…पढा़एं”के माध्यम से पढ़ने के प्रति कम होती जा रही प्रवृति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से शहर के विभिन्न स्थानों पर वाचनालय स्थापित करने का निश्चय किया है.


वरिष्ठ साहित्यकार श्री शाकिर अली ने बच्चों का आह्वान करते हुए कहा कि किताबें बातें करती हैं. आप किताबों से बिल्कुल उसी तरह दोस्ती करें जैसे किसी मनुष्य के साथ करते हैं. किताबें आपको अंधेरे में दोस्त की तरह प्रकाश फ़ैलाने का काम करती हैं्

वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता श्री नंद कश्यप ने कहा कि किताबें आपके जीवन का निर्माण करती हैं. विभिन्न पत्र-पत्रिकाएं पढ़ने से कोर्स की पुस्तकें पढ़ने में भी रुचि जागृत होती है.

संचालन करते हुए श्री प्रथमेश मिश्रा ने कहा कि किताबें हमारी कल्पना शक्ति का विकास करती हैं, उन्हें पंख देती है.अलग-अलग तरह की पुस्तकें हमारे मस्तिष्क के अलग-अलग हिस्सों को प्रभावित करती हैं तदनुसार मस्तिष्क का विकास होता है.

आंदोलन की ओर से सविता प्रथमेश ने कहा कि माह में एक बार वाचनालय में स्थानीय लोगों के साथ बैठकें होंगी. समय-समय पर बच्चों के लिए विविध गतिविधियां कराई जाएंगी ताकि बच्चों की पढ़ने में ही नहीं बल्कि लिखने में भी रुचि हो.प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी.

वाचनालय की शुरुआत पर बच्चों में अत्यंत हर्ष थाऔर उन्होंने ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कोर्स की भारीभरकम पुस्तकें पढ़ने के बाद इस तरह की पत्र-पत्रिकाएं रिलैक्स करती हैं.

“आंदोलन आओ पढ़ें…पढ़ाएं” के अंतर्गत स्थापित इस वाचनालय का दायित्व दसवीं कक्षा के विद्यार्थी चंद्रशेखर केंवट को दिया गया है. जिनके निवास में ही वाचनालय स्थापित किया गया है. आभार व्यक्त करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि उनके क्षेत्र में शिक्षा और पठन-पाठन के लिए लोगों में जागरूकता का अभाव है. किंतु वाचनालय की स्थापना से उम्मीद है कि यह कमी पूरी हो जाएगी.

कार्यक्रम में ममता मानिकपुरी, माया पात्रे,वियर्सी पात्रे,रीना मानिकपुरी,पलक,शिवकुमारी केंवट,मंजू,मंजिता,गौरव,निखिल सहित बड़ी संख्या में बच्चे और रहवासी उपस्थित थे.

***

Be the first to comment

Leave a Reply