आदिवासियों की जमीनें खरीदने के लिये छत्तीसगढ़ भूराजस्व संहिता संशोधन विधेयक आज विधानसभा में पारित : कांग्रेस सहित आदिवासी जनसंगठनों ने इसे आदिवासियों के खिलाफ विनाशकारी कदम बताया और भारी विरोध का एलान किया .

रायपुर 21.12.2017

**
अभी तक आदिवासी अनुसूचित क्षेत्रों मैं जमींने खरीदने के लिये भारी प्रतिबन्ध थे जिसकी वजह से आदिवासी क्षेत्रों मे उनकी जमीन सुरक्षित रहीं हैं ,अब छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों की जमीनें विभिन्न योजनाओं के लिये प्राप्त करने के लिए एक विधेयक लेके आई हैं जिसका नाम छत्तीसगढ़ भूराजस्व संहिता संशोधन विधेयक है जो आज विधानसभा मैं पारित हो गया जिसके पास होने से अब सरकार भूमि मालिक की सहमति से जमीन खरीद सकेगी .

राजस्व मंत्री ने आज विधानसभा मे बताया कि
भू अर्जन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ये संशोधन विधेयक लाया गया है. हालांकि 165 की उपधारा के खंड 2 में ‘परंतु’ शब्द जोड़ा गया है. इसमें आपसी सहमति शासन और शासन के उपक्रम के बीच ही हो सकेगा , भू अर्जन की प्रक्रिया सरल होने से प्रदेश में तेजी से विकास किया जा सकेगा. इससे सरकार की मंशा साफ है कि आदिवासियों की जमीनों को आसानी से खरीदा जा सकेगा .

सरकार का कहना है कि अस्पताल ,स्कूल सडक , नहर जैसी जरूरी कार्य के लिये अनुसूचित क्षेत्रों मैं जमींने खरीदने मैं बहुत कठिनाईयां आ रही थी ,अब वहां अधिकतम 1000 हेक्टेयर जमीन ली जा सकेगी ,जो 2016 के क्रय नियम के अंतर्गत सिर्फ सरकारी योजनाओं के लिये ही हो सकेगा .
विधानसभा मे प्रतिपक्ष के नेता टी एस बाबा , कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल सहित आदिवासी विधायकों ने इस विधेयक को आदिवासियों के साथ धोका बताया है ,और कहा है कि संविधान ने पांचवी अनुसूचित ,पेसा कानून और वन अधिकार अधिनियम मे जो संरक्षण दिया है यह.उसकी मूल भावना के खिलाफ है .इस बहाने से सरकार आदिवासियों से जमीन हडपना चाहती हैं .आदिवासी विधायक मोहन मरकाम ने भी इसे आदिवासियों के साथ छलकपट से जमीन कब्जाने का षडयंत्र बताया हैं ,उन्होंने कहा कि आदिवासियों की जमीन की रक्षा नहीं हो रही हैं बल्कि नये नये तरीकों से उनकी जमीनों को हडपा जा रहा है .

छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक किसान नेता नंद कश्यप ने कहा कि चौथी पीढ़ी के आर्थिक सुधार के अंतराष्ट्रीय मुद्राकोष ( IMF) को भाजपा पूरी तरह से लागू कर रही है, केन्द्र में मोदी सरकार आने के बाद जनता पर हमले बढ़े हैं , मजदूरों किसानों आदिवासियों को मिले लोकतांत्रिक अधिकारों पर आईएमएफ के निर्देशों हमले हो रहे हैं, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पारित भू-राजस्व संहिता संशोधन उसी दिशा में विनाशकारी कदम है इसका किसान सभा जमीनी स्तर पर विरोध करेगी ,

**

Be the first to comment

Leave a Reply