Third Chhattisgarh State Conference of Caste Annihilation Movement for creating a casteless society begins on 17th December, 2017

Raipur, 12th December, 2017.

Modern India has to be built on the plinth of equitable and scientific society. The annihilation of caste system is the necessary precondition for this. With this vision, Chhattisgarh Coordination Committee of Caste Annihilation Movement is going to conduct its third state conference at Guru Ghasidas Nagar (Vrindavan Hall), Civil Line, Raipur on 17th December (Sunday) 2017.

This conference will work out the outline of the future movement at a large scale. Consequently, a state committee will also be formed. The Chhattisgarh state unit of Caste Annihilation Movement has been very active for the last two years. It is to be noted that both Hindi and English organs of this committee has been continuing to be published successfully.
At present, communal forces have been trying to consolidate its hegemony in all spheres of life. Attacks on oppressed class and caste are on the increase throughout the country. Presently, number of incidents of horrible attacks by the castist force on Dalits has been seen in the states of Rajasthan, Maharashtra, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Uttar Pradesh, Bihar and Orissa. Many rationalists and anti-superstition argumentative activists like Gouri Lankesh, Dr. Kalburgi have been assassinated. These dogmatists have been trying to grab Ambedkar on the one hand but also been oppressing and banning HCU, JNU, BHU, Allahabad University, Jadhvpur University students.

Moreover, the poorest of the poor have mostly been facing the brunt of the attacks of corporate raj.
In this situation, we are going to hold the first state level conference at Guru Ghasidas Nagar (Vrindavan hall), Civil Lines, Raipur on the 17th of December, 2017. The objective is to launch a country wide ‘Caste Annihilation Movement’. It will be attended by many intellectuals, youth, progressive journalists, progressive writers and litterateur.

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जाति उन्मूलन आंदोलन का तीसरा राज्य सम्मेेलन राजधानी रायपुर में 17 दिसंबर को

रायपुर, 09 दिसंबर 2017।

आगामी 17 दिसंबर 2017 (रविवार) को वृंदावन हा ल, सिविल लाईन रायपुर में जाति उन्मूलन आंदोलन का तृतीय राज्य सम्मेलन का आयोजन किया गया है। राज्य सम्मेलन दिन के 3 बजे शुरू होगा। प्रथम सत्र में ’’जाति विहीन समाज की क्या पहचान होगी’’ विषय पर सेमीनार का आयोजन किया गया है। दूसरा सत्र प्रतिनिधि सत्र होगा जिसमें जाति उन्मूलन आंदोलन के कार्यक्रम, विधान, विभिन्न प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण एवं नई राज्य कमेटी का गठन किया जायेगा।

जाति व्यवस्था भारत में एक गंभीर बिमारी कीे तरह है, लेकिन भारत का एक बलशाली वर्ग जाति को कोई समस्या नहीं मानता है। या ये कहें जान बुझकर समस्या मानने से इनकार करता है, इसके पीछे उसके निजी हित छिपे हैं, इस कार्य में छद्म प्रगतिशील लोग भी लगे हैं। गैर जरूरी मुद्दों पर पूरा मीडिया केन्द्रीत रहता है। सही मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश करता रहता है मगर भेदभाव की जननी जाति व्यवस्था को स्पर्श तक नही किया जाता है। उसके पीछे गहरी साजिश है। अब जरूरत इस बात की है कि इसका पर्दाफाश किया जाये। ऐसे नकाब पोश लोगों का नकाब उतारा जाये जो जाति को संस्कार और पुराणों के बहाने बनाये रखना चाहते हैं तो दूसरी ओर आधुनिक वैज्ञानिक सोच रखने का ढांेग रचते हैं।

इसी के मद्देनजर वृहद रूप में जाति उन्मूलन आंदोलन की रूप रेखा बनाई गई। करीब 15 राज्यों में विगत 5 सालों से जाति उन्मूलन आंदोलन की राज्य इकाईयां सक्रिय है। गौर तलब है इसका मुखपत्र हिंदी में ’जाति उन्मूलन’ व अंग्रेजी में ’Cast Annihilation ’ सफलता पूर्वक प्रकाशित की जा रही है। भारत में पिछले करीब दो दशकों से भी अधिक समय से नव-उदारवाद का राज चल रहा है और इस दौरान उत्पीड़ित वर्गों और मेहनतकश समुदायों विशेष रूप से दलितों की हालत बद से बदतर हो गई है। नयी परिस्थितियों के अनुरूप अपने आपको ढालते हुए जाति व्यवस्था नये रूपों में कायम है। वर्तमान में साम्प्रदायिक फासिस्ट ताकतों ने प्रत्येक क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम करने का प्रयास तेज कर दिया है।

देश भर में सामाजिक रूप से उत्पीड़ित जातियांे एवं वर्गों पर जातिवादी हमला बढ़ा है। हाल के दिनों में जातिवादी ताकतों द्वारा राजस्थान, बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उड़ीसा आदि स्थानों पर दलितों के उपर हमले की अनेक वीभत्स घटनायें घटी हैं। विश्वविद्यालय तक इन हमलों से महफुज नहीं हैं। हम सभी मेहनतकश, देशभक्त जनता एवं प्रगतिशील ताकतों से जाति उन्मूलन आंदोलन के तृतीय राज्य सम्मेलन को सफल बनाने का आव्हान करते हैं।

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