|| देशहित : दस लघु कथाएँ || ० असग़र वजाहत ⭕ दस्तक के लिए प्रस्तुति : अनिल करमेले / . देश प्रेमी ने एक दलित से पूछा- तुम देश से प्रेम करते हो दलित ने कहा – मैं तुम्हें मंदिर के अंदर आकर इस सवाल का जवाब दे सकता हूं। देश प्रेमी ने कहा – मुझे उत्तर मिल गया है। तुम देश से प्रेम नहीं करते हो।

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1.

– मैं देश से बहुत प्रेम करता हूँ.
– कितना प्रेम करते हो
– बहुत ज्यादा
– कितना ज्यादा
– बहुत बहुत बहुत ज्यादा
– यह तो बड़ी अच्छी बात है। ये बताओ कि तुम देश से प्रेम कैसे करते हो
– कैसे का मतलब
– मतलब किस तरह
– क्या मतलब ?
– देखो, माँ बच्चे को प्यार करती है तो उसे चूमती है, सहलाती है और गले से लगा लेती है… तुम देश से किस तरह प्रेम करते हो?
– माँ के प्रेम से बहुत बड़ा है मेरा देश प्रेम
– पर करते कैसे हो?
– ये … तो…. कल बताऊँगा।
०००

2.

– मैं बहुत बड़ा देशभक्त और देश प्रेमी हूं
– बहुत अच्छी बात है पर देश भक्ति और देश प्रेम में आप क्या करते हैं
– क्या देश भक्त और देश प्रेमी होने के लिए कुछ करना भी पड़ता है?
०००

3.

– आजादी से पहले देशभक्त अंग्रेजो के खिलाफ प्रदर्शन करते थे। लाठी, डंडे और गोलियां खाते थे। जेल जाते थे… फांसी पर चढ़ते थे
– और आज के देशभक्त क्या कर रहे हैं ?
– पुराने देशभक्तों को फांसी के तख्ते से उतार रहे हैं
– क्यों ?
– ताकि उन्हें फिर फांसी दी जा सके.
०००

4.

– पहले देशभक्त जनता से कहते थे तुम हमें खून दो हम तुम्हें आजादी देंगे.ब
– आज के देशभक्त क्या कहते हैं – तुम हमें वोट दो हम तुम्हें साड़ियां देंगे, लैपटॉप देंगे, साइकिले देंगे, पैसा देंगे…
०००

5.

– जोर से बोलो तुम देशभक्त हो.
– मैं जोर से बोला कि मैं देश भक्त हूँ.
– बहुत जोर से बोलो कि तुम देशभक्त हो.
– मैं और जोर से बोला कि मैं देश भक्त हूँ.
– उसने कहा कि और जोर से चीख कर बोलो कि मैं देश भक्त हूं
– मैं बहुत जोर से, बहुत ज्यादा जोर से चिल्लाकर बोला कि मैं देशभक्त हूं।

इतना अधिक चिल्लाने से मेरा गला फट गया।
– उसने कहा, नहीं तुम देशभक्त नहीं हो.
– मैंने पूछा कैसे ?
– उसने कहा तुम्हारे चीख कर कहने से कि तुम देश भक्त हो किसी के कान नहीं मफटे।
०००

6.

– मैं देश से बहुत प्रेम करता हूं.
– तो आप देशवासियों से भी प्रेम करते होंगे ?
– नहीं मैं देशवासियों से प्रेम नहीं करता.
– क्यों ?
– क्योंकि वे देश से प्रेम नहीं करते
– यह आपको किसने बताया कि वे देश से प्रेम नहीं करते?
– यह मैंने अपने आपको बताया है…
०००

7.

देश के सबसे बड़े देश प्रेमी ने देशप्रेम नापने की एक मशीन बनवाई है । इस मशीन में आदमी बैठ जाता है और सुई घूमने लगती है। पता चल जाता है कि कौन देश से कितना प्रेम करता है। देश को सबसे अधिक प्रेम करने वाला लोगों को पकड़कर इस मशीन में बिठाता है और देशभक्ति की परीक्षा लेकर उनके भाग्य का फैसला कर देता है.

एक दिन लोगों ने मौका पाकर देश के सबसे बड़े देश भक्तों को मशीन में बिठा दिया। देश को सबसे अधिक प्रेम करने का दावा करने वाला जब मशीन में बैठा तो सुई नहीं चली। सब परेशान हो गए । मशीन से आवाज़ आई – इन्हें मशीन से उतार दो, इनका देश प्रेम नहीं नापा जा सकता

– क्यों ? लोगों ने पूछा
मशीन ने कहा- इन्होंने इसी शर्त पर यह मशीन लगावाई है कि इससे इनका देश प्रेम कभी न नापा जाए…
०००

8.

– जज साहब आज मैंने एक देशद्रोही की सरेआम हत्या कर दी । सैकड़ों लोग देख रहे थे। मैंने उसको बहुत बेदर्दी से मार डाला ।

– क्या उसका कोई वकील है जिसको आप ने मार डाला है ?
– जी नहीं
– क्या उसके कोई गवाह है?
– जी नहीं
– कोई दोस्त, मोहल्लेदार, संबंधी, बाल- बच्चे हैं ?
– नहीं
– आपको बाइज़्ज़त रिहा किया जाता है
– मुझे गिरफ्तारी ही कब किया गया था मी लार्ड…
०००

9.

एक आदिवासी से देश प्रेमी ने पूछा
– तुम देश से प्रेम करते हो? आदिवासी उस वक्त पानी पीने के लिए कुआँ खोद रहा था। वह सैकड़ों साल से प्यासा था। आदिवासी ने देश प्रेमी की बात का जवाब नहीँ दिया और कुआँ खोदता रहा.

देश प्रेमी ने फिर पूछा – क्या तुम देश से प्रेम करते हो?
पता नहीं कैसे आदिवासी की कुदाल एक ऐसी दिशा में चली कि फिर उससे यह प्रश्न पूछने वाला न रहा कि तुम देश से प्रेम करते हो या नहीँ ?
०००

10.

देश प्रेमी ने एक दलित से पूछा- तुम देश से प्रेम करते हो
दलित ने कहा – मैं तुम्हें मंदिर के अंदर आकर इस सवाल का जवाब दे सकता हूं।
देश प्रेमी ने कहा – मुझे उत्तर मिल गया है। तुम देश से प्रेम नहीं करते.
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⭕ *दस्तक के लिए प्रस्तुति : अनिल करमेले*

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