भोपाल गैस कांड की आज 33वीं बरसी है.
जो लोग वास्तविक पीड़ित हैं, अब भी बेहाल हैं.
किसी भी अपराधी को आज तक कोई सजा नहीं दी जा सकी है, जबकि नई पीढ़ी में भी इसके कारण गंभीर शारीरिक समस्याएं आ रही हैं.
इलाज और मुआवजे के हालात भी बीमार ही हैं….
लगता है ऐसे पीड़ितों का कोई *मालिक* नहीं है.