छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतांत्रिक आंदोलन का दमन कर अघोषित आपातकाल लगाया, सर्वत्र भय का वातावरण , शिक्षाकर्मियों व किसानों का आंदोलन कुचला-डॉ संकेत ठाकुर,प्रदेश संयोजक,आप।

02दिसंबर 17 

आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों के आंदोलन को जबरन कुचलने की राज्य सरकार की दमनात्मक कार्यवाही की कड़ी निंदा करती है ।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक डॉ संकेत ठाकुर ने राज्य सरकार से मांग की है कि शिक्षाकर्मियों के साथ विगत तीन चुनावो में संविलयन, नियमितिकरण सहित तमाम वायदे करने वाली भाजपा सरकार अपना वादा निभाये । उन्हें सातवें वेतनमान का लाभ देते हुए उनकी सभी मांगों को तत्काल पूरा किया जाए ।
डॉ ठाकुर ने कहा है कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश की राज्य सरकार लोकतांत्रिक विधि से चल रहे तमाम जन आंदोलन को खत्म करने के लिए दमन का रास्ता अपना रही है । कुछ माह पूर्व ही इसी तरह किसानों के आंदोलन को कुचलने के लिए हजारों किसानों को रातों रात गिरफ्तार किया गया और उन्हें आंदोलन करने से रोका गया । राज्य सरकार क्या चाहती है क्या वह प्रदेश में अघोषित आपातकाल लगा चुकी है ?

उन्होंने आगे कहा कि सबसे दुखद तथ्य यह भी है कि एक ओर किसानों और ज्यादातर किसान-पुत्र शिक्षाकर्मियों के आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार ने भय का वातावरण खड़ा कर दिया है तो दूसरी तरफ बोनस तिहार, तेंदूपत्ता बोनस तिहार के नाम पर वोट बटोरने के लिए जबरन पैसे बांटे जा रहे हैं ।
सच्चाई यह है कि यदि किसानों की मांगों को पूरा करना था तो पूरे 4 साल का बोनस देना था और अगर तेंदूपत्ता संग्राहकों को न्याय देना था तो प्रतिवर्ष उन्हें बोनस देना था । लेकिन चुनावी वर्ष को ध्यान में रखकर इस तरह के हथकंडे अपनाना सीधे सीधे जनता को रिश्वत देने जैसा कृत्य है ।

डॉ संकेत ठाकुर ने आव्हान किया कि आम आदमी पार्टी ने शिक्षाकर्मियों के आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया है और इसी कड़ी में शिक्षाकर्मियों से अपील करती है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को उखाड़ फेंके ताकि आम आदमी की सरकार बने और दिल्ली की तर्ज पर शिक्षा कर्मियों को नियमित कर उनका वेतन दोगुना तक बढ़ाकर सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार आम आदमी पार्टी की सरकार दिला सके ।

****

Be the first to comment

Leave a Reply