| धान अधिक तौल करके किसानों के दो हजार करोड़ रुपये की लूट हो रही है, लूट की राशि में सबकी हिस्सेदारी||छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन

छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के संयोजक राजकुमार गुप्त ने मुख्यमंत्री रमनसिंह पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपनों को चूर चूर करने का आरोप लगाया है,

किसान नेता ने कहा है कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले साढ़े तीन साल से डिजिटल इंडिया का नारा देकर पूरे देश को डिजिटल करने के लिये अथक प्रयास कर रहे हैं, बैंकिंग, व्यापार आदि को डिजिटल बनाने में उल्लेखनीय सफलता भी मिल रही है दूसरी ओर छत्तीसगढ़ सरकार धान की तौल परंपरागत कांटा तराजू से कराके खरीदी कर रही है, मुख्यमंत्री रमनसिंह ने स्वयं धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया जहां कांटा तराजू से धान की तौल हो रही थी, मुख्यमंत्री रमनसिंह को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया की मंशा के अनुरूप धान की तौल इलेक्ट्रानिक तौल मशीन से करने का निर्देश देना चाहिए था किंतु उन्होने परंपरागत तराजू ले धान की तौल पर स्वीकृति की मुहर लगा दिया,
किसान संगठन के संयोजक राजकुमार गुप्त ने भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा है कि वह एक तरफ आम जनता से डिजिटल लेनदेन को स्वीकार करने की उम्मीद करती है लेकिन खुद डिजिटल मशीन से धान की तौल करने के लिए तैयार नहीं हैं ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने का पूरा होना नामुमकिन है,
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के संयोजक ने आरोप लगाया है कि परंपरागत तराजू में 40 किलो के हर तौल में किसानों के एक किलो तक अधिक धान की तौल की जा रही है इस प्रकार प्रति क्विंटल लगभग 40 रूपये की किसानों की लूट हो रही है, प्रदेश में 60 लाख टन धान की सरकारी खरीद होती है, अधिक धान की तौल करके किसानों से लगभग दो हजार करोड़ रुपये की लूट हो रही है,
किसान नेता ने आरोप लगाया है दो हजार करोड़ की इस लूट में धान खरीदी करने वाली प्राथमिक समिति से लेकर मुख्यमंत्री तक की हिस्सेदारी हो सकती है इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को धता बताते हुए इलेक्ट्रानिक तौल मशीन के बजाय परंपरागत कांटा तराजू से धान की तौल की जा रही है,
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन मुख्यमंत्री रमनसिंह की सहमति से कांटा तराजू में तौल कर धान की सरकारी खरीद की शिकायत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से करने की बात कही है.

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