जांजगीर चांपा : आश्रम में 28 बच्चों को दिला रहे निःशुल्क शिक्षा. पहले किराए के भवन में स्कूल चलाया,कब खुद की जमीन बेचकर बना रहे अनाथ आश्रम.

संजय राठौर , पत्रिका .काम के लिये जांजगीर – चांपा . जहां चाह वहां राह ‘ कुछ इसी भावनाओं को चरितार्थ करते हुए जांजगीर चांपा जिले के बम्हनीडीह ब्लॉक के गौरव ग्राम अफरीद के युवा केशव सिंह राठौर ने समाज सेवा के लिए न केवल खुद को पांच एकड़ जमीन Continue Reading

जल के लिए जागरण : अभियान को विस्तार कर अन्य जलाशय को जोड़ने बना रहे योजना .कोहकापाल , बालीकोंटा और कालीपुर के ग्रामीणों ने पदयात्रियों का किया स्वागत.

पदयात्रियों को पहनाई माला और कहा आपका संघर्ष हमारे लिए बेहद अहम है जगदलपुर . हमारा जीवन इंद्रावती से जुड़ा हुआ है । आप लोग शहर के है लेकिन हम गांव वालों के लिए सोच रहे हैं । इंद्रावती बचाने के लिए आपके संघर्ष को हमारा सलाम यह बातें सोमवार Continue Reading

जगदलपुर : 3 दिन से बिजली गुल,नल जल योजना पड़ी बन्द,लाल पानी पीने को मजबूर ग्रामीण.

जगदलपुर . शहर से लगे ग्राम पंचायत पामेला के ग्रामीण पिछले तीन दिनों से आयरन युक्त हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर हैं दरअसल उनके गांव में पिछले तीन दिन से बिजली नहीं हैं । बिजली नहीं होने की वजह से गांव में लगी नल जल योजना भी बंद पड़ Continue Reading

किस ईश्वर को मानते हैं और कैसी अराधना करते हैं यह एकदम निजी मामला है.

नंद कश्यप भक्त लोग बार बार हिंदू राष्ट्र हिंदू राष्ट्र चिल्लाते हैं लेकिन असलियत क्या है। सच्चाई यह भी है कि भारत विभिन्न राष्ट्रीयताओं का देश रहा है। आज भी छत्तीसगढ़ में बसे उत्तर प्रदेश या बिहार का व्यक्ति अपने घर जाता है तो देस जा रहे हैं कहता है।सभी Continue Reading

सरगुजा : वंदना दत्ता जिन्होंने पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित किया और बनी दूसरों के लिए मिसाल .मीरा शुक्ल जिन्होंने बिखरे बच्चों को दिखाई राह .

ऐसी होती है माँ : वन्दना और मीरा से टूटे विखरे बच्चों को राह , शिक्षा देकर बदल दी जिंदगी  जन्म नही दिया ,फिर भी माँ का मिला दर्जा पत्रिका की रिपोर्ट .सरगुजा अंबिकापुर . एक ऐसी महिला जिसने परिवार से बिछड़कर दर – दर की ठोकर खाने वाले बच्चों Continue Reading

आदिवासी और मुण्डा जन जाति : महादेव मुंड़ा .

आदिवासी और मुण्डा जाति पर एक लेख प्रस्तुत है! सबसे पहले यह जान लें कि आदिवासी शब्द भारत के आदिम मूलनिवासी के शब्दकोश में नहीं थी। यह शब्द सवर्णों या गैर आदिवासियों ने हीन भावना से कही थी।भारत के प्राचीनतम आदिवासियों को महज #मानोवा #होन यानी मानव कहा जाता था। Continue Reading

प्राचीन मुण्डा संस्कृति पत्थलगड़ी की परिभाषा ! : महादेव मुंड़ा

पूर्व पाषाण काल(Pre stone age) में आग का अविष्कार नहीं हुआ था। इसलिए शेर जैसा अन्य जानवरों को कच्चा खाते थे। मानव भी जंगली जानवरों को वैसा ही कच्चा खाते थे। लेकिन शेर के प्राजाति को मानव से और मानव को भी जंगल में सबसे अधिक शेर-भालू से ही डर Continue Reading

5 साल बाद ही सही लेकिन अब तो इसकी पुष्टि हो गई कि प्रधानमंत्री लाइव इंटरव्यू तो नहीं ही देते हैं, इंटरव्यू देने से पहले सवाल मंगा लेते हैं और जवाब देने के बाद एडिट करवाते हैं. – रवीश कुमार .

झूठ जब बढ़ जाता है तो सत्य झांकने चला आता है, क्या आप ऐसा इंटरव्यू देखना चाहेंगे जिसमें सवाल पहले से तय हों ? लेखक रवीश कुमार मई 13, 2019 “I belive that the thinking of the government as well as the thinking of the people in media should be transparent. Continue Reading