भिलाई तनख्वाह नहीं मिलने से वर्क स्टेशन टीएंडडी के श्रमिकों ने काम रोका.

उत्तम कुमार ,संपादक दक्षिण कोसल भिलाई इस्पात संयंत्र में टीएंडडी के अंतर्गत वर्क स्टेशन में कार्यरत ठेका मजदूरों ने 3 माह से तनख्वाह नहीं मिलने के कारण काम रोक दिया है। ठेका श्रमिकों ने बताया है कि फरहद खान नामक ठेकेदार ने उनकी तीन माह का वेतन पूरी दादागिरी के Continue Reading

मोदी जी आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि..अपनी गरीबी की दुकानदारी अब बंद कीजिए! विष्णु नागर

आज भी आप उत्तर प्रदेश की एक जनसभा में अपनी गरीबी बेच रहे थे. ऐसा है, अगर प्रधानमंत्री हो जाना ही सबकुछ हो जाना है तो लालबहादुर शास्त्री भले ही पिछड़े वर्ग से नहीं थे, मगर बेहद गरीबी में पलेबढ़े थे और प्रधानमंत्री होकर भी उनके पास दो जोड़ी कपड़े Continue Reading

कॉमरेड महेन्द्र बाजपेयी स्मृति व्याख्यान : विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ जन के प्रतिरोध का प्रतीक है कन्हैया:प्रो. अपूर्वानंद.

जबलपुर/ भारत मे विभाजन कारी राजनीति का प्रयोग 1961 में जबलपुर में हुए साम्प्रदायिक दंगे से आरंभ हुआ जिसका तीव्र प्रतिरोध कॉमरेड महेन्द्र बाजपेयी जैसे साथियों ने किया। आज समाज और देश को बांटने वाली यह राजनीति अपने चरम पर है। लेकिन साथ ही लोगों का जनतांत्रिक प्रतिरोध भी जारी Continue Reading

वरिष्ठ संघर्षशील पत्रकार राजकुमार सोनी की कहानी : तृप्ती सोनी की रिपोर्ट ..

तृप्ति सोनी की रिपोर्ट . जोहार सीजी से आभार सहित . एक दस साल का लड़का जिसने बड़े-बड़े साहित्यकारों की रचनाएं पढ़कर चाट डाली…जिसे घर से ही संगीत ने अपनी ओर खींचा….संपादक के नाम की चिट्ठी लिखते – लिखते अखबारों की लीड स्टोरी के नायक… 🔵 जी हां… आज हम Continue Reading

बस्तर की ग्रामसभा में पहली दफे गूंजेगा आदिवासियों की पुलिस प्रताड़ना का मामला.: माओवादियों का आरोप निहत्था था पुनेम गाँव वाले के सामने मारी गोली.

पत्रिका.काम : 12.05.2019 जगदलपुर- बस्तर में पुलिस पर ग्रामीणों से मारपीट का आरोप कोई नई बात नहीं है । लेकिन बस्तर में पहली बार ऐसा होगा कि पुलिस मारपीट के खिलाफ ग्रामीण ग्रामसभा बुलाएंगे और यहां प्रस्ताव पारित करेंगे । यह गांव हैं गोंडेरास । गांव के लोगों का कहना Continue Reading

DMA India पर डा. आर.के . सुखदेव से चर्चा की संजीव खुदशाह ने .

छत्तीसगढ़ तर्कशील परिषद के संयोजक डॉक्टर आर.के. सुखदेवे जी बता रहे हैं कि किस प्रकार हैं अंधविश्वास के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा मिली। जीवन के पहले पोस्टमार्टम में उन्हें पता चला कि उस महिला को बेहद कष्टदायक मौत दी गई। डायन कहकर उसकी योनि में मिर्ची भरे गए थे। उसके Continue Reading

आतिश तासीर का लेख राजनीति का लिबरल सरलीकरण है: प्रकाश के रे

लेख मोदी को समकालीन राजनीतिक इतिहास के भीतर रख कर विश्लेषित करने से चूक जाता है. By प्रकाश के रे | May 11, 2019  भारतीय और विदेशी मीडिया में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने से बहुत पहले से एक ‘हाईली पोलराइज़िंग फ़ीगर’ कहा जाता रहा है. इस संज्ञा का मुख्य आधार उनके Continue Reading

भास्कर चौधरी : कुछ हिस्सा तो उनका भी है: सबके हिस्से की फिक्रमंद कविताएं : समीक्षा ,अजय चंन्द्रवंशी

‌ कवि की संवेदना पहले -पहल अपने परिवार-परिवेश से प्रभावित होकर क्रमशः ‘वैश्विक’ हो सकती है.भास्कर के यहां ऐसा ही हुआ है; उनकी बहुत सी कविताएं माँ, पिता, पत्नी, बेटी, दादा- दादी पर है, इन रिश्तों को कई कोणों से उन्होंने देखा है, जिससे ये जीवंत हो उठे हैं; और Continue Reading

इंदौर : महिलाओं की बेइज़्ज़ती करने वाली राजनीति नहीं चलेगी। नागरिकों ने राजनीति के गिरते स्तर के विरोध में किया सड़क पर प्रदर्शन.

10 मई 2019 इंदौर. दिल्ली की एक महिला उम्मीदवार आतिशी पर निहायत झूठे, गंदे और बेहूदा इल्ज़ाम लगाने वाला वाला एक पर्चा लाखों की तादाद में बाँटा गया । राजनीतिक दल इसके लिए एकदूसरे पर इल्ज़ाम लगा रहे हैं। इस घटना के विरोध में रोष और गुस्सा व्यक्त करने के Continue Reading