यही है हमारा बिलासपुर – द्वारका प्रसाद अग्रवाल .

यही है हमारा बिलासपुरजहां लोग बसते हैं, वहाँ बस्तियाँ बस जाती हैं। आम तौर पर बस्तियाँ वहाँ रूप लेती हैं जहां पानी उपलब्ध होता है। खोड्री के पहाड़ से निकली एक बरसाती नदी अरपा अपने आसपास मनुष्यों की आबादी को निमंत्रित करती हुई बहती रही और उसके पावन जल के Continue Reading

आंसुओं की घाटीमें नक्श उभारते मार्क्स. बादल सरोज

5 may 2019 “धर्म आंसुओं की घाटी की परछाईं है ।” मार्क्स का यह वाक्य, बार बार कही बात एक बार फिर दोहराने को विवश करता है कि कितना बड़ा कवि था यह दार्शनिक । यह भी कि दुनिया के जितने भी दार्शनिक हुये हैं (और पढ़ने में आये हैं) Continue Reading

कपड़ा बैंक के माध्यम से मेकाहारा में वस्त्र वितरण: लीड 18प्लस और रॉबिनहुड आर्मी का संयुक्त प्रयास.

क रायपुर की स्वयंसेवी संस्थाएं अब मिल जुलकर संयुक्त रुप से समाजसेवा का कार्य करेंगी । इस अनूठी पहल हेतु लीड 18प्लस के युवाओं ने 6 माह पहले कपड़ा बांटने की शुरुआत की थी । इसी कड़ी में रायपुर की अनेक समाजसेवी संस्थाओं की बैठक गत माह लीड 18प्लस द्वारा Continue Reading

कुटुम्ब न्यायालय से सेवानिवृत्त होने के बाद समाजसेवी डॉ. सत्यभामा अवस्थी ने बनाई योजना.

5.05.2019 बिलासपुर। कुटुम्ब न्यायालय में बीते 11 वर्षों तक परामर्शदाता के रूप में सेवाएं देने वालीं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सत्यभामा अवस्थी ने विशेषज्ञों के साथ मिलकर परिवारों के विघटन को रोकने ऑनलाइन सेवाएं शुरू करने की योजना बनाई है। इसके अलावा वे एकल महिलाओं के लिए भी संगठन तैयार कर Continue Reading

जातिवाद भेदभाव के खिलाफ लड़ने वाला योद्धा.

दलित बहुजन और आदिवासी अधिकारों के लिए डिग्री प्रसाद चौहान ने बुलंद आवाज उठाई है । इसकी गूंज वंचित समुदाय के उत्थान की दिशा में सकारात्क नतीजे ला रही है . आज भी कोई जीत हासिल करता है तो बोलचाल की भाषा में कहा जाता है कि उसने ‘ डिग्री Continue Reading

अरपा का उद्गम बिक रहा है – एक पानी परंपरा दफ़न हो रही है – हम बेबस हैं . नवल शर्मा .

नदी अरपा कभी यहां से बहती थी . पेंड्रा गांव का एक बाहरी मुहल्ला है अमरपुर , यहां की दलदली ज़मीन से रिसते पानी ने आगे की राह पकड़ कर अरपा नदी का नाम पा लिया होगा . आज यहां धान के खेत बन गये हैं , ज़मीन पाट दी Continue Reading

‘अब तक दार्शनिकों ने समाज की व्याख्या की है, लेकिन सवाल इसे बदलने का है।’’ मार्क्स को याद करते हुये सीमा आज़ाद.

मार्क्स की 201 वीं जयन्ती 5 मई 2019 दुनिया को समझने ही नहीं, बल्कि इसे बदलने का दर्शन समाज को देने वाले कार्ल मार्क्स 201, साल के हो रहे हैं। 5 मई 2019 को दुनिया उनके जन्म की 201 वीं जयन्ती मनायेगी। दुनिया को अब तक जिस दर्शन ने सबसे Continue Reading

सीताराम से खीजी शकुनि ब्रिगेड. : बादल सरोज

शास्त्रोंसे डरे_शकुनि सीताराम_येचुरी द्वारा भोपाल और रीवा की सभाओं में मौजूदा खलमण्डली की तुलना रामायण-महाभारत के हिंसक दुष्टों से किये जाने पर (अम्मा के शब्दों में कहें तो) “सूप बोले तो बोले चलनी भी बोल उठी – जा में 72 सौ छेद” सीताराम येचुरी ने भोपाल में अपने संबोधन में Continue Reading

मार्क्स के जन्मदिन पर विशेष : मार्क्स की स्‍मृतियाँ – पॉल लाफार्ज

5 may 2019 प्रस्तुति प्रोमथ्यियस प्रताप सिंह मैंने सबसे पहली बार कार्ल मार्क्‍स को फरवरी सन 1865 में देखा। 28 सितम्‍बर सन 1864 को सैण्‍ट मार्टिन हॉल की मीटिंग में इंटरनेशनल की स्‍थापना हो चुकी थी। मैं उनको पेरिस से इस नन्‍ही संस्‍था की प्रगति का समाचार देने आया था। Continue Reading