राहुल गांधी ने क्यों कहा कि आदिवासियों को गोली मारने का कानून ला रहे है मोदी.तथ्य क्या कहते है.

तामेश्वर कुमार की फेसबुक वाल से आभार सहित जिस इंडियन फॉरेस्ट एक्ट 1927 कानून की बात वो कर रहे हैं, उसमें व्यापक बदलाव करने के लिए सचमुच सरकार ने कदम उठाया है और नए प्रावधानों के तहत वन अधिकारियों को गोली चलाने का अधिकार दिए जाने की बात भी कही Continue Reading

छत्तीसगढ़ में जगह मना मजदूरों के संघर्ष और विजय का प्रतीक मई दिवस .

आज छत्तीसगढ़ में जगह जगह मजदूरों के संघर्ष और जीत का प्रतीक म ई दिवस मनाया गया.भिलाई , बिलासपुर , रायपुर ,दुर्ग ,रायगढ ,कोरबा ,धमतरी ,बांकी मोगरा से लेकर दक्षिण बस्तर के विभिन्न जिलों में मजदूरों ,कर्मचारियों ने रैली और आमसभा की . भिलाई 1 मई मजदूर दिवस को लेकर Continue Reading

मोर माटी के मितान ,चल मजदूर और किसान …जन गीत सुनिये ..

रेला कलेक्टिव द्वारा भिलाई में तैयार ,गीत के मूल लेखक कलादास डेहरिया जो रंगकर्मी के साथ ट्रेड यूनियन लीडर भी हैं। मोर माटी के मितान चल मजदूर और किसान .शोसन और अत्याचार ल मिटाये बर करो ,संघर्ष और निर्माण … कलादास जी द्वारा रचित यह गीत आंदोलनों और रैलियों में Continue Reading

बस इतनी सी बात … मई मजदूर दिवस पर नेहरू नगर “”नुक्कड़ कैफे”‘ में समीक्षा नायर का गजल गायन .

समीक्षा नायर ने मई दिवस के दिन भिलाई के नुक्कड़ कैफे मेंं आमंत्रित लोगों के समक्ष फैज अहमद फैज की गज़लें लाज़िम है कि हम भी देखेंगे. वो दिन कि जिस का वादा है. जो लौह-ए- अज़ल में लिख्खा है. जब ज़ुल्म-ओ- सितम … तथा तुझको कितनों का लहू चाहिए Continue Reading

हमारे हाथ अभी बाकी हैं : शरद कोकास .

डॉ कमला प्रसाद जी को जब मैंने मजदूरों पर लिखी अपने शुरुआती दौर की यह कविता सुनाई तो उसकी पंक्तियाँ थीं…”उठो दौड़ो /छीन लो उनके हाथों से वे पत्थर / तुम्हारे हाथ अभी बाकी हैं ।” कमला जी ने नाराज़ होते हुए कहा “एक सर्वहारा या मजदूर को यह हक़ Continue Reading