पूर्व कलेक्टर ओ,पी चौधरी की मुश्किलें बढ़ीदांतेवड़ा भूमि घोटाले में जाँच जारी रखने का आदेश.

27/04/2019 पत्रिका ब्यूरो @  सुप्रीम कोर्ट ने दंतेवाड़ा में जमीन की हेराफेरी के मामले की जांच को जारी रखने तथा अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है । दंतेवाड़ा में तत्कालीन कलक्टर और अभी भाजपा नेता ओ . पी . चौधरी और तहसीलदार पर जमीन की हेराफेरी Continue Reading

भिलाई ,  सिम्पलेक्स कास्टिंग ,: मजदूरों को तीन माह से वेतन नहीं मिला,मजदूरों ने किया टूल डाउन.

फोटो प्रतीकात्मक  27/04/2019 / भिलाई  सिम्पलेक्स कास्टिंग में शुक्रवार को फिर मजदूरो ने टूल डाउन कर दिया ।मजदूरों में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ खासा आक्रोश है । मजदूरों का आरोप है कि कंपनी ने मजदूरों के साथ वादाखिलाफी की है । वेतन देने की बात कहकर भी वेतन नहीं दिया Continue Reading

चुनाव में चुनना क्या है? ःः सीमा आजा़द .

27.04.2019 सत्ता किसी की भी हो, कॉरपोरेट और उसका सम्बन्ध आज खुली आंखों से नज़र आने वाली बात है। जब सत्ता यानि राज्य और कॉरपोरेट एक हो जायें, तो वह फासीवाद को पैदा करता है, जो समाज का धार्मिक, जातीय और नस्लीय आधार पर विभाजन तेज करता है, और सत्ता Continue Reading

सुकमा ,मरईगुड़ा , 25 परिवार 13 साल बाद वापस लौटे अपने गांव.

बदलाव : वापस लौटे ग्रामीणों को अब सरकार से मदद की आस , आंध्र में कर रहे थे मजदूरी दोबारा बसेगा मरईगुड़ा , 25 परिवार 13 साल बाद वापस लौटे अपने गांव सुकमा जिले से सीमांध्र की ओर 2006 में पलायन कर गए थे ग्रामीण , कनापुरम में रह रहे Continue Reading

समीक्षा ःःबचा  रह जायेगा बस्तर: बस्तर के जन जीवन की चिंता.: अजय चंन्द्रवंशी 

27.04.2019 बस्तर अपने प्राकृतिक सौंदर्य, दुर्गम जंगलों और आदिम जनजातीय संस्कृति के लिए पिछली शताब्दी के पूर्वार्ध में मानवशास्त्रियो के आकर्षण का केंद्र रहा; और आजादी के बाद के दशकों में अपने समृद्ध खनिज संसाधनों के दोहन के लिए.वहीं शताब्दी का आखरी दशक ‘नक्सलवाद’ के उभार और प्रतिरोध के लिए Continue Reading

समीक्षा  ःः बचा  रह जायेगा बस्तर: बस्तर के जन जीवन की चिंता:  अजय चंन्द्रवंशी .

27.04.2019 बस्तर अपने प्राकृतिक सौंदर्य, दुर्गम जंगलों और आदिम जनजातीय संस्कृति के लिए पिछली शताब्दी के पूर्वार्ध में मानवशास्त्रियो के आकर्षण का केंद्र रहा; और आजादी के बाद के दशकों में अपने समृद्ध खनिज संसाधनों के दोहन के लिए.वहीं शताब्दी का आखरी दशक ‘नक्सलवाद’ के उभार और प्रतिरोध के लिए Continue Reading

आखिर अंबेडकर को प्रधानमंत्री के तौर पर देखने की बात कभी किसी ने क्यों नहीं की ? पुण्य प्रसून बाजपेयी .

_पुण्य प्रसून बाजपेयी का बहुत ही सार्थक लेख  27.04.2019 नेहरु की जगह सरदार पटेल पीएम होते तो देश के हालात कुछ और होते । ये सवाल नेहरु या कांग्रेस से नाराज हर नेता या राजनीतिक दल हमेशा उठाते रहे हैं। *लेकिन इस सवाल को किसी ने कभी नहीं उठाया कि Continue Reading

निर्भया के माता-पिता इस बार वोट नहीं देंगे, वजह शर्मिंदा करने वाली है

वोट मांगने से पहले पॉलिटिकल पार्टियों को ये सुन लेना चाहिए चुनाव का मौसम चल रहा है. हर तरफ़ बस एक ही नसीहत दी जा रही है कि जो भी हो, वोट ज़रूर दें. ये आपकी ड्यूटी है. पर दिल्ली शहर में दो लोग ऐसे हैं जो इस बार वोट Continue Reading