प्रश्न यह नहीं कि अगर मोदी नहीं तो कौन’, बल्कि हमें पूछना चाहिए कि ‘मोदी दोबारा आएं, तब क्या होगा?’

सेंट्रल इंडिया के लिये  हर्ष मंदर .  ‘अगर मोदी नहीं तो कौन’, अक्सर कई लोग यह सवाल पूछते हैं. इस सवाल के भी कई जवाब हो सकते हैं. मगर 2019 के लोकसभा चुनाव में वोट डालते वक्त यह हमारा मुख्य सवाल नहीं होना चाहिए. बल्कि हमें पूछना चाहिए कि ‘मोदी Continue Reading

शाकिर अली की कवितायें : श्रंखला . 31 से 40 ःः बचा रह जायेगा बस्तर से ,लगातार …

यही ठीक रहेगा ? 31 सारी पृथ्वी पर चप्पे-चप्पे पर बारूदी सुरंग बिछा देना चाहिए, ताकि शत्रुओं को आसानी से मारा जा सकें – मित्रों को मारना उतना कठिन नहीं है, पहले उन्हें स्वर्गीय बना दें ! यही ठीक रहेगा ?       *** दोस्त और दुश्मन 32 विस्फोट से उड़ी बराती बस Continue Reading

काकेर का निबरा गांव : आज़ादी के 71 साल बाद भी बच्चे पढ रहे है झोपड़ी मे. यही है विकास की मंजिल.

 सरकार चाहे कितने भी विकास के दावे करें, लेकिन सरकार की पोल उस वक्त खुल जाती है जब आजादी के 71 साल बाद भी बच्चे झोपड़ी में शिक्षा ग्रहण कर रहे हो। बस्तर के कुछ इलाके ऐसे हैं जहां आज भी विकास की चिड़िया सिर्फ सरकारी कागजों में दिखाई देती Continue Reading

बिलक़ीस बानो को समर्पित एक कविता  ( दो भाग ) शरद कोकास .

कौसर बानो का अजन्मा बेटा – एक पृथ्वी पर मनुष्य के जन्म लेने की घटना इतनी साधारण है अपनी परम्परा में  कि संवेदना में कहीं कोई हस्तक्षेप नहीं करती इसके निहितार्थ में है इसकी असामान्यता जो ठीक उस तरह शुरू हुई जैसे कि एक जीवन के अस्तित्व में आने की Continue Reading