हमें आंबेडकर के सपनों के हिसाब से भारत बनाना चाहिए : आंबेडकर और गाँधी : सुविख्यात आलोचक अजय तिवारी से कवि शरद कोकास की बातचीत..

🔵🔵🔵 14.04.2019 *शरद कोकास* : गांधी और आंबेडकर दोनों महामानवों का भारत के साहित्यिक समाज में काफी प्रभाव रहा है । लेकिन यह देखा जाता है कि अनेक दलित साहित्यकार आंबेडकर को जितना मानते हैं उतना वे गांधी को नहीं मानते । आंबेडकर के प्रति आस्था तो उनके मन में Continue Reading

मोदी को रूस का सर्वोच्च सम्मान.: आर्डर आफ सेंट एंड्रयूज द एपोस्टल” यह जार कालीन पुरस्कार हैं जिसे क्रांति के बाद खतम कर दिया था .

14.04.2019 नंदकश्यप की वाल से  मोदी जी को रूस ने भी एक एवार्ड दे दिया “आर्डर आफ सेंट एंड्रयूज द एपोस्टल”यह जार कालीन रूस में 1698 में शुरू हुआ था इसका उद्देश्य जार की सत्ता के साथ आस्था और स्वामीभक्ति था मजदूर क्रांति के बाद समाजवादी सरकार ने इसे समाप्त Continue Reading

14 अप्रेल : संविधान को समझना क्यों जरूरी है। डॉक्टर अंबेडकर संविधान सभा के समापन भाषण में कहते हैं …

14 अप्रैल 2019 अंबेडकर जयंती के अवसर पर डीएमए इंडिया ऑनलाइन यूट्यूब चैनल की ओर से या खास वीडियो देखिए। संविधान को समझना क्यों जरूरी है। डॉक्टर अंबेडकर संविधान सभा के समापन भाषण में कहते हैं जॉन स्टुअर्ट मिल की चेतावनी को ख्याल रखना होगा। जिन्हें प्रजातंत्र को बनाए रखने Continue Reading

अम्बेडकर_की_तीन_चेतावनियां_और_भारत_@2019 : बादल सरोज 

14 अप्रैल 2019 तुलना बड़ी विचित्र है, किन्तु विडंबनाओं के दौर में सम्भावनाओं के विकल्प सीमित हो जाना लाजमी है। पिछले दिनों साक्षी महाराज का ‘ये चुनाव देश के आखिऱी चुनाव होंगे’ का आप्तवचन पढ़ा तो बाबा साहब अम्बेडकर की याद आई । खासतौर से उनकी वे तीन चेतावनियां याद Continue Reading